भारत में मिल रहा दुनिया का हर दूसरा कोरोना केस, 25 पर्सेंट है मौतों का आंकड़ा: विश्व स्वास्थ्य संगठन

by bharatheadline

दुनिया भर के देशों में कोरोना ग्राफ नीचे आ रहा है, लेकिन भारत में दूसरी लहर का कहर तेजी से बढ़ रहा है। यहां तक कि बीते एक सप्ताह में दुनिया भर में मिले कोरोना के कुल केसों में से आधे भारत में मिले हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बुधवार को बताया कि भारत में बीते एक सप्ताह में दुनिया में मिले कुल नए केसों के आधे मामले मिले हैं। बुधवार को आए आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटे में देश में कोरोना के चलते 3,780 लोगों की मौत हुई है और कुल 3.82 लाख नए केस आए हैं। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि बीते एक वीक में दुनिया भर में मिले कुल कोरोना केसों में से 46 फीसदी अकेले भारत में मिले हैं और 25 फीसदी मौतें हुई हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक भारत में बीते 14 दिनों से लगातार 3 लाख से ज्यादा नए कोरोना केस मिल रहे हैं। देश में कोरोना के बढ़ते केसों का आलम यह है कि अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन तक की किल्लत देखने को मिल रही है। इसके अलावा श्मशानों और कब्रिस्तानों में भी लाशों की बड़ी संख्या देखने को मिल रही है। यहां तक कि तमाम लोगों की मौतें एम्बुलेंस में ही हो गईं या फिर ऑक्सीजन या बेड के इंतजार में कार में ही लोगों ने दम तोड़ दिया। कोरोना की दूसरी लहर के उभरने को लेकर केंद्र की मोदी सरकार की भी जमकर आलोचना की जा रही है। कहा जा रहा है कि यदि समय रहते राजनीतिक आयोजनाओं और धार्मिक कार्यक्रमों पर लगाम लगाई गई होती तो शायद नई लहर इतनी तेजी से न उभरती।
इसके अलावा ऑक्सीजन औैर बेड की कमी को लेकर भी देश के कई उच्च न्यायालयों और सुप्रीम कोर्ट ने सरकार पर निशाना साधा है। इस बीच केंद्र सरकार की ओर से देशभर में 25 ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनों की शुरुआत की गई है। इनके जरिए दिल्ली, लखनऊ समेत देश के अलग-अलग राज्यों में ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही है। भारत सरकार का कहना है कि देश में ऑक्सीजन की सप्लाई कम नहीं है, लेकिन इसकी डिलिवरी में देरी हो रही है। दिल्ली हाई कोर्ट में लगभग हर दिन राजधानी में ऑक्सीजन की कमी या फिर बेडों के संकट को लेकर सुनवाई की जा रही है।
भारत में कोरोना की नई लहर को लेकर इसलिए भी चिंता बढ़ गई है क्योंकि एक तरफ मामले बढ़ रहे हैं और दूसरी तरफ वैक्सीनेशन में भी कमी देखने को मिल रही है। कई राज्यों में 18 से 44 साल की आयु के लोगों का टीकाकरण शुरू नहीं हुआ है और जहां शुरुआत की भी गई है, वहां रफ्तार बेहद कम है। कोरोना संकट से बुरी तरह प्रभावित महाराष्ट्र जैसे राज्य में भी टीकों की किल्लत देखने को मिल रही है। इस बीच केंद्र सरकार पर विपक्ष और अदालतों ने लॉकडाउन के लिए भी दबाव बनाना शुरू किया है। हालांकि आर्थिक संकट उभरने से बचने के लिए सरकार ऐसे किसी कदम से हिचक रही है।

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