30 से 39 साल के है तो सावधान रहिए, इन्हीं पर कोरोना वायरस ज्यादा हमलावर

by bharatheadline

घातक कोरोना वायरस लगातार हमलावर बना हुआ है। वायरस सबसे ज्यादा 30 से 39 साल वालों को शिकार बना रहा है। इनमें 17850 महिलाएं और 29480 पुरुष शामिल हैं। अकेले लखनऊ में इस उम्र के 47330 लोग संक्रमित हो चुके हैं। संक्रमण के बाद इन लोगों में तमाम तरह की बीमारियां पनप रही हैं।
लखनऊ में गत मंगलवार तक 216286 लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 85600 महिलाएं और 130686 पुरुष संक्रमण की जद में आ चुके हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इस उम्र के लोग सबसे ज्यादा घरों से बाहर निकले हैं। इसकी वजह से लोग आसानी से वायरस की चपेट में आ गए हैं। संक्रमण ठीक होने के बाद कई तरह की परेशानियां आ रही हैं। इनमें सुनाई न देने की परेशानी है। दो महीने बाद भी स्वाद व गंध नहीं आ रही है। डायबिटीज बढ़ गया है। ब्लड प्रेशर गड़बड़ा रहा है।

6156 बच्चे भी शिकार
कोरोना संक्रमण के शिकार बच्चे भी खूब हुए हैं। नौ साल तक के 2814 बेटियों पर वायरस हमला कर चुका है, जबकि 3342 बेटे संक्रमित हो चुके हैं। संक्रमित मां से जन्म लेने वाले शिशु भी खूब संक्रमित हुए हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आशुतोष वर्मा बताते हैं कि बच्चों में रोगों से लड़ने की ताकत अधिक होती है। इसलिए बच्चों के संक्रमित होने पर बहुत चिंता न करें। लेकिन बच्चे मां व परिवार के दूसरे सदस्यों के पास अधिक जाते हैं। इसलिए परिवार के दूसरे सदस्य वायरस के आसानी से शिकार हो सकते हैं।

अप्रैल में सबसे ज्यादा 672 थमीं सांसें
कोरोना वायरस ने पिछले सारे रिकार्ड तोड़ते हुए अप्रैल में खूब कहर बरपाया। नौजवान से लेकर बुजुर्ग तक को निशाना बनाया। सबसे ज्यादा 672 कोरोना मरीजों की मौतें अप्रैल में हुई हैं। कोरोना की दूसरी लहर ने कोहराम मचा दिया है। लखनऊ में अब तक 1883 मरीजों की इलाज के दौरान सांसें थम चुकी हैं। डॉ. अजय वर्मा, रेस्पीरेटरी मेडिसिन विभाग, केजीएमयू बताते हैं कि युवा पढ़ाई व नौकरी के लिए बड़ी संख्या में बाहर निकलते हैं। शायद यही वजह है कि इस श्रेणी के लोग अधिक संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। सावधानी बरतकर वायरस के खतरे को काफी हद तक टाल सकते हैं। मास्क लगाएं। प्रतिदिन सांस से जुड़ी कसरत करें। इससे फेफड़ों की कार्यक्षमता में वृद्धि होती है। शरीर में ऑक्सीजन का पर्याप्त संचार होता है।

ये कारण हैं ज्यादा मौत के
-मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल रहा है
-एक से दूसरे अस्पताल में जाने से मरीजों की हालत गंभीर हो रही है
-समय पर ऑक्सीजन न मिलने से बिगड़ रही हालत
-ऑक्सीजन थेरेपी में मानकों की अनदेखी भी बनी घातक

उम्र महिला पुरुष कुल मामले
0 से 9 2814 3342 6156
10 से 19 5593 7840 13433
20 से 29 16717 24370 41087
30 से 39 17850 29480 47330
40 से 49 14229 23106 37330
50 से 60 15923 22794 38717
60 से अधिक 12474 19754 32228

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