धारा 144 के आदेशों की उड़ाई गई धज्जीयां

by bharatheadline

सारंगढ़ । प्राप्त जानकारी अनुसार ग्राम कौवाताल विकास खंड सारंगढ़ में एक शासकीय मोखरहा तालाब स्थित है , जिसमें मनरेगा के तहत तालाब गहरी करण का कार्य प्रारंभ किया जाना है । जिस हेतु भरे तालाब जिसमें पांच फीट से छः फीट तक पानी रहा होगा को खाली करने हेतु फरमान जारी किए जाने पर पानी को आनन फानन फेंका गया ।

विदित हो कि- कुछ ग्रामीणों द्वारा इस भीषण गर्मी में पानी को बाहर फेंकने को लेकर आपत्ति करने पर बचे कुछ पानी को पाइप के जरिए चखी तालाब में डाला गया। तालाब में पानी गहरे स्थान पर ही शेष रह गया । चुकिं तालाब बहुत पुरानी है, किसी जमाने में गांव के गौंटिया लोग अपने पैसों से ग्रामीणों के सुविधा हेतु गहरीकरण करवाये हैं जिसमें पुरानी से पुरानी बड़ी – बड़ी मछलियों का होना भी स्वभावीक था । जिसे पकड़ने के लिए सरपंच एवं पंचों द्वारा ग्रामीणों से मिल कर सोशल डिस्टेंस की दुरी, मास्क है जरुरी तथा 144 धारा एवं माहमारी अधिनियम के कानूनों का खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए हजारों की मछली पकड़ी गई है ।

विशेष बात यह भी है कि- पहले भी तालाब गहरीकरण हेतु तालाब के पानी को खाली किया जाता था , लेकिन नियम अनुसार पानी कम होने के स्थिति में ग्रांम का गौंटिया या मुखिया या सरपंच जो भी जिम्मेदार व्यक्ति रहता वह तालाब के मछली को उधेड़ बुन से कोई पकड़े मत, कोई चोरी न कर सके इस हेतु जोगवार (चौकीदार) रखता और विधिवत मछली को निकलवा कर गांव में नीलामी किया जाता था । नीलाम में प्राप्त राशि का सदुपयोग गांव के लिए किया जाता था । वर्तमान में कोरोनावायरस कोविड 19 के दुसरी लहर में लोग परेशान हैं । गांव में कई लोग संक्रमित हैं और यहां लोग लाँक डाउन की धज्जीयां उड़ा रहे हैं । ऐसे पंचायत के जिम्मेदार व्यक्ति सरपंच व पंचों के खिलाफ उचित कार्यवाही किया जाना चाहिए ताकि कानून नाम का भी कोई नियम है जिसका पालन किया जाना चाहिए।

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