नकली दवा का कारोबार अब न होगा आसान, आजीवन कारावास की धारा में दर्ज होगा मुकदमा

by bharatheadline

उत्तराखंड में नकली दवाएं बेचने वालों के खिलाफ आजीवन कारावास की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश के बाद नकली दवाएं बेचने वाले और दवाओं की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ गुरुवार से विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने बुधवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया, नैनीताल हाईकोर्ट ने नकली दवा बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार पहले ही नकली दवाओं और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है लेकिन गुरुवार से इसके लिए विशेष अभियान शुरू किया जाएगा।

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे साक्ष्यों के साथ सरकार की ओर से जारी नंबरों पर जानकारी दें ताकि ऐसे लोगों को पकड़कर कड़ा संदेश दिया जा सके। उन्होंने कहा कि नकली दवाओं के मामले में पहले से ही दोष सिद्ध होने पर आजीवन कारावास का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि नकली दवाएं बनाकर किसी के जीवन को खतरे में डालना, बहुत बड़ा अपराध है और ऐसे किसी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि पुलिस को इसके लिए विशेष अभियान शुरू करने को कह दिया गया है।

95% सूचनाओं की जांच के दौरान नहीं हो पाती है पुष्टि
आईजी अमित सिन्हा ने बताया कि दवाओं की कालाबाजारी व नकली दवाओं की शिकायतों के मामले में लगातार कार्रवाई की जा रही है लेकिन ऐसी 95 प्रतिशत सूचनाओं की पुष्टि नहीं हो पा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे साक्ष्यों एवं तथ्यों के साथ शिकायत करें ताकि ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।

आईपीसी और ड्रग ऐक्ट में प्रावधान
राज्य के औषधि नियंत्रक गढ़वाल सुरेंद्र भंडारी ने बुधवार को बताया कि आईपीसी और ड्रग ऐक्ट में पहले ही नकली दवाई बनाने और इससे किसी की जान को खतरा होने पर आजीवन कारावास का प्रावधान है व ऐसे मामलों में विभाग की ओर से मुकदमे दर्ज कराए जाते हैं।

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