कोरोना और ऑक्सीजन की कमी से मरने वाले लोगों के लिए मुआवजे की मांग

by bharatheadline

दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर कर केंद्र और दिल्ली सरकार को कोविड-19 महामारी के दौरान ऑक्सीजन सप्लाई की कमी और इस संक्रमण के कारण मरने वाले मरीजों के परिवारों को वित्तीय मुआवजा देने के लिए दिशा-निर्देश तैयार करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।
एक वकील द्वारा दायर याचिका में सुझाव दिया गया है कि उन परिवारों को राहत मुहैया कराने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि या पीएम केयर्स से मुआवजा दिया जाना चाहिए जिनके पास आय का कोई जरिया नहीं है क्योंकि अनेक परिवारों ने कोविड-19 से अपना कमाने वाला इकलौता सदस्य खो दिया।
वकील पूरव मिधा ने अपनी याचिका में कहा कि चूंकि कोविड-19 से मरने वाले लोगों की संख्या चिंताजनक स्तर तक बढ़ रही है तो सरकार को ऐसे परिवारों की मदद के लिए एक मुआवजा योजना बनानी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि अगर महामारी के दौरान ऑक्सीजन और दवाओं की कमी के कारण लोग मर रहे हैं तो सरकारों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए क्योंकि जन स्वास्थ्य व्यवस्था महामारी से पैदा हुई चुनौतियों से निपटने में नाकाम रही।

दिल्ली में अब तक 20,310 मरीजों की कोरोना से मौत
दिल्ली में बुधवार को कोरोना संक्रमण के 13,287 नए मामले सामने आए और 300 से अधिक रोगियों की मौत हो गई। हालांकि संक्रमण की दर 17 प्रतिशत पर आ गई है जो कि एक माह में सबसे कम है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मंगलवार को राजधानी में कुल 78,035 लोगों के नमूनों की जांच की गई, जिसमें से 13,287 लोग संक्रमित पाए गए। इनमें 63,315 आरटीपीसीआर/सीबीएनएएटी/ट्रूनेट जांचें शामिल हैं। हेल्थ बुलेटिन में कहा गया है कि इस अवधि के दौरान 14,071 लोग संक्रमण से ठीक हुए हैं। फिलहाल एक्टिव मामलों की संख्या 82,725 है, जो एक दिन पहले 83,809 थी। वहीं, 49,974 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। राजधानी में संक्रमितों की कुल संख्या 13,61,986 पर पहुंच गई है, जबकि कुल 20,310 मरीज दम तोड़ चुके हैं। हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, 12.58 लाख लोग ठीक हो चुके हैं। प्रदेश में कोविड-19 रोगियों के लिए अस्पतालों में 23,202 बेड्स हैं, जिनमें से 4,469 खाली हैं।

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