सारंगढ़ में अधिकारी आपदा काल में कर रहे हैं वसूली, जांच में हो सकते हैं बड़े खुलासे

by bharatheadline

सारंगढ़ से ओमकार केसरवानी की रिपोर्ट

सारंगढ़।सारंगढ़ के कुछ जिम्मेदार अधिकारी आपदा को अवसर बना कर लॉकडाउन में जमकर वसूली कर रहे हैं, लोगो को डरा धमका कर उनसे लाखो रुपये ऐठ ले रहे है , ताजा मामला निकल कर सामने आया है ग्राम पंचायत हिर्री से जन्हा एक BMSडॉक्टर से सारंगढ़ के तीन प्रमुख अधिकारियो ने डरा धमका कर तीन लाख रूपये ले लिए, दरसल ये मामला क्या हैं आपको विस्तार से बताते हैं, ग्राम पंचायत हिर्री में संचालित वारे क्लिनिक के संचालक खगेश्वर प्रसाद वारे का आरोप हैं की 7मई को उनके क्लिनिक में सारंगढ़ थाना प्रभारी के के पटेल, तहसीलदार सुनील अग्रवाल,बी.एम.ओ सिदार अपने दल बल के साथ पहुंचे और वंहा पहुँच कर मंत्री से लेकर जिला कलेक्टर के नाम का सहारा लेते हुए उसे जमकर डराया धमकाया और कहने लगे की तुम्हारे क्लिनिल को सील करेंगे, तुम्हारे नाम पर एफ.आई.आर कर के तुम्हे जेल भेजेंगे, तुम अवैध क्लिनिक चला रहे हो और अगर तुम्हे जेल जाने व क्लिनिक को सील होने से बचाना है तो पंच लाख देना होगा , पीड़ित डॉ खगेश्वर प्रसाद वारे ने कहा सर मै छोटा स बी.एम.एस डॉक्टर इतना पैसा कहा से लाऊंगा, मै आयुर्वेद दवाइयों से लोगो का सेवा भावना से ईलाज करता हूँ, आप मुझसे इतनी बड़ी रकम मांग रहे हैं मै कहा से लाऊंगा, इतना सुन तीनो अधिकारी तिलमिला गए और बोलने लगे तुम्हे जेल भेजना ही पड़ेगा,पीड़ित डॉ खगेश्वर प्रसाद वारे ने आगे बताया की उन्होंने मुझे इतना डरा दिया की मेरे सांसे फूलने लगी मै कुछ समझ नही पा रहा था परिवार के बारे में सोचता था तो डर जाता था, क्यों की मै अपने घर का मुख्या हूँ मेरे घर में मेरी पत्नी समेत छोटे छोटे बच्चे हैं और ये लोग अगर मुझे फर्जी तरीके से फंसा कर अगर जेल भेज दिये तो उनका क्या होगा, इन्ही सब बातो को सोचकर मैंने उनसे हाथ जोड़कर कहा सर मेरे पास तो इतना पैसा नही हैं बीस पचास हजार हैं चाहे तो आपलोग वो ले सकते हो…इतना सुन तीनो अधिकारी फिर बोले इतने में नही बनेगा ले दे कर बात तीन लाख में डन हो गई, पीड़ित डॉक्टर ने जैसे तैसे उधार लेकर पैसो का बंदोबस्त किया, और उस पैसे को सारंगढ़ थाना प्रभारी के.के पटेल को दिया, जिसके बाद के. के पटेल ने उन पैसो को एक काले कलर के फ़ाइल में रख लिया, साथ ही अस्पताल कैम्पस में लगे सी.सी कैमरे के फुटेज को तहसीलदार सुनील अग्रवाल ने स्वयं डिलीट कर दिया.लेकिन उन्हें पता नही था की कैम्पस में दो सी.सी कैमरे लगे हैं, और दोनों का डिवाइस अलग अलग हैं,पैसा लेने के बाद एक पंचनामा तैयार किया गया की यंहा सब सही हैं, और जाते जाते पैसे के लेनदेन के बारे में किसी को बताने के लिए मना किया गया, वही इस घटना के बाद से पीड़ित डॉक्टर अंदर से टूट गए हैं, वो जब मिडिया से बात कर रहे थे तो उनके आँखों से बहने वाले आंसू उनके दर्द को बया कर रहे थे ,पीड़ित डॉक्टर ने आगे कहा की इतने बड़े रकम को मै कैसे चुकाऊंगा, मेरे परिवार वालो का भी इस घटना के बाद से रो रो कर बुराहाल है,उन्होंने आगे कहा की मेरा जीने का बिलकुल मन नही हैं, तीन लाख बहुत बड़ी रकम होती हैं, मै इतने पैसो का उधार कैसे चुका पाहुंगा, अगर मै सुसाईड करता हूँ तो इसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी सारंगढ़ थाना प्रभारी के.के पटेल, तहसीलदार सुनील अग्रवाल,बी.एम.ओ सिदार की होगी, वही सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सारंगढ़ क्षेत्र में ये घटना पहली घटना नही है, इससे पहले भी इनके द्वारा कई घटनाओं को अंजाम देकर कई व्यपारी सहित क्रेशर संचालको और ईठ भट्ठाओ को भी अपना शिकार बना चुके हैं, शहर सहित ग्रामीण अंचलो में इन अधिकारियों को लेकर तरह तरह की बाते हो रही शोसल मिडिया में इनके कारनामो को लोग जमकर लिख रहे है

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