पहले जमकर उड़ाई शादी की दावत, 44 ग्रामीणों को हुआ कोरोना तो अब खा रहे हैं दवाई

by bharatheadline

कोरोना अब नगरीय क्षेत्रों से ग्रामीण इलाकों तक भी घर-घर जा पहुंचा है। जबकि ग्रामीणों में अब भी कोरोना को लेकर जागरूकता का अभाव दिख रहा है। इससे ग्रामीण इलाकों में एक व्यक्ति के संक्रमित मिलने के महज एक सप्ताह के भीतर ही गांव कंटेनमेंट जोन बन रहा है। इससे कई बुखार और सर्दी के मरीज कोरोना जांच से घबरा रहे हैं। पिथौरागढ़ जिले में 2020 में कोरोना का पहला केस 22 मई को मिला था। जिसके बाद से लगातार संक्रमण तेजी से फैलता गया। जिससे जिले में पहली लहर के बीच कुल 9 गांव कोरोना की चपेट में आए थे।
जिन्हें प्रशासन से कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया था। मगर फिर भी बीते साल कोरोना की रफ्तार बेहद कम थी, जिससे कई गांव कोरोना की चपेट में आने से बच गए। अब कोरोना भयावह हो चुका है। दूसरी लहर में जिला का पहला संक्रमित अप्रैल के पहले सप्ताह में पाया गया। जिससे बाद से संक्रमितों की संख्या इतनी तेजी से बढ़ी कि, शुक्रवार तक जिले में कुल 17 कंटेनमेंट जोन बन चुके हैं। जिनमें 300 से अधिक संक्रमित पाए गए हैं। यह आंकड़ा बीते साल की तुलना में महज 25 दिन के भीतर ही दो गुनी रफ्तार से बढ़ रहा है।

ग्रामीणों में जागरूकता का अभाव बना मुसीबत
पिथौरागढ़। नगरीय क्षेत्रों के मुकाबले ग्रामीण इलाकों के लोग निडर होकर कोविड कफ्र्यू के दौरान भी बाहर घूमते हुए दिखाई दे रहे हैं। जबकि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों से गाइडलाइन का पालन करने की अपील कर रहा है। मगर लोगों में जागरूकता का अभाव साफ दिखाई दे रहा है।

झूलाघाट में मौत के बाद बना कंटेनमेंट जोन
कोरोना की दूसरी लहर जिले का पहला कंटेनमेंट जोन झूलाघाट क्षेत्र बना। जिसे 29 अप्रैल को कंटेनमेंट जोन घोषित किया। इससे पूर्व क्षेत्र में एक संक्रमित की मौत हुई थी। जांच में 18 संक्रमित पाए गए, और महज तीन दिन के भीतर यह संख्या बढ़कर 38 पहुंच गई।

44 लोगों के संक्रमित मिलने से हड़कंप
कनालीछीना के ख्वांकोट में 44 लोग संक्रमित हैं। बीते सप्ताह एक शादी समारोह हुआ। इसके बाद क्षेत्र में लगातार लोगों को बुखार और सर्दी की शिकायत होने लगी। चार दिन पूर्व ही गांव में 96 लोगों की जांच की गई। शनिवार को 44 लोग संक्रमित पाए गए हैं।

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