भाजपा कार्यालय में तहसीलदार पुलिस को लेकर पहुंचे,मामला लॉकडाउन के कानून उल्लंघन का

by bharatheadline

जिलाध्यक्ष उमेश ने तहसीलदार से धारा पूछी नही मिला जवाब
प्रशासन जान बूझकर कर रहा है गलत कार्रवाई- उमेश अग्रवाल
रायगढ़.
रायगढ़ जिला भाजपा कार्यालय में आज शाम 4 बजे भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व प्रदेश मंत्री गिरधर गुप्ता तथा प्रदेश कार्य समिति के सदस्य जगन्नाथ पाणिग्राही ने कांग्रेस द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को कोरोना संक्रमण मामले में बदनाम करने संबंधी पत्रकार वार्ता बुलाई थी और इसी बीच किसी ने लॉकडाउन में लागू धारा 144 टूटने की शिकायत प्रशासनिक अधिकारियों को कर दी और देखते ही देखते पत्रकार वार्ता खत्म होते ही तहसीलदार विक्रांत राठौर व उनके साथ सिटी कोतवाली पुलिस के हवलदार व सिपाही पहुंच गए। वहां पहुंचते ही तहसीलदार ने एक कागजी कार्रवाई करते हुए पंचनामा बनाया जिस उमेश अग्रवाल को सौंपने के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष उमेश अग्रवाल ने हाथ जोड़कर यह सवाल किया कि आखिर यह कार्रवाई किस कानून व धाराओं के तहत की गई है और उन्हें नोटिस दें तब वे इसका जवाब दंेगे।
भारतीय जनता पार्टी के रायगढ़ कार्यालय में यह ड्रामा करीब एक घंटे तक चला जिसमें किसी की शिकायत पर पत्रकार वार्ता खत्म होते ही प्रशासनिक टीम पुलिस के साथ पहुंचती है और देखते ही देखते कागजों में लॉकडाउन का उल्लंघन तथा कानूनी तौर पर लागू धारा 144 का परिपालन नही होनें की लिखा पढ़ी की गई लेकिन जिला भाजपा अध्यक्ष उमेश अग्रवाल ने इसे प्रशासनिक की एकतरफा कार्रवाई बताया। उनका कहना था कि इससे पहले भी कांग्रेस के द्वारा जिले की सांसद गोमती साय के बंगले के सामने प्रदर्शन के अलावा अन्य कई कार्यक्रम किये जाते रहे हैं और उनमें कभी प्रशासन ने लॉकडाउन का उल्लंघन संबंधी कार्रवाई नही की और भाजपा ने पत्रकारों से जब चर्चा करते हुए अपनी बात रखने का कार्यक्रम रखा तो इसे कानून का उल्लंघन मान लिया गया जो सरासर भूपेश सरकार की दादागिरी है जो विपक्ष को जान बुझकर प्रशासनिक दबाव व पुलिस के दावपेंच में उलझाना चाहती है जिसे भाजपा सहन नही करेगी। उनका यह भी कहना था कि इस मामले में उन्हें अगर विधिवत नोटिस दिया जाएगा तो वे बकायदा उसका जवाब देंगे और अगर कानून संबंधी उल्लंघन का कोई मामला बनता है तो वे उसके लिए भी तैयार हैं। यहां यह बताना लाजमी होगा कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय में अचानक तहसीलदार व पुलिस टीम का पहुंचना राजनीतिक उठापटक का परिणाम है जिसको लेकर भविष्य में मामला गरमाने की उम्मीद है।
मौके पर पहंुचे तहसीलदार विक्रांत राठौर ने भाजपा जिलाध्यक्ष उमेश अग्रवाल को एक कागज सौंपने की भी कोशिश की थी जिसे उमेश ने यह कहकर लौटा दिया कि वे लिखित नोटिस दें और वे उसका जवाब विधिवत देंगे। तहसीलदार ने इस संबंध में यह भी कहा कि आप नोटिस लेना नही चाहते तो वे वापस जा रहे हैं। इसके जवाब में उमेश अग्रवाल का कहना था कि वे कानून के तहत बात कर रहे हैं और उन्हें नियम कानून के बारे में पूरी जानकारी है और वे कार्रवाई का विरोध नही कर रहे बल्कि अगर जिला भाजपा कार्यालय के बाहर व भीतर कुछ हुआ है तो कानून अपना काम करे, लेकिन विधिवत जानकारी उनको मिलनी चाहिए जिसके वे हकदार हैं।
यहां यह बताना लाजमी होगा कि इस कार्रवाई के दौरान वरिष्ठ भाजपा नेता मौके पर नही थे, नही तो मामला और गर्मा जाता। बहरहाल इस मामले में यह बात साफ हो गई कि पक्ष व विपक्ष में चुगल खोरी के जरिए कानून दावपेंच में उलझाए रखने की परिपाटी जोर शोर से चल रही है।

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