सरपंच के संरक्षण में किया जा रहा है अवैध रेत को डंपअवैध तरीके से कर रहे हैं रेत को डंप , ना शासन का डर ना प्रशासन का खौफ़,

by bharatheadline

सारंगढ़ । विकास खंण्ड के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत दहिदा में महानदी के किनारे में डंप और रोड के किनारे मे अवैध तरीके से रेती डंप किये है । जहां पर न तो माइनिंग विभाग का डर है और ना ही स्थानीय प्रशासन का खौप। धड़ल्ले से चल रहा है रेत का अवैध खेल । ताज्जुब की बात तो यह है कि – यहां थाना कोसीर को जानकारी होते हुए भी कोई कार्यवाही नहीं , नहीं कर रहे हैं । अभी रेती को डंप करके बरसात में पच्चीस सौ से लेकर ₹2000 में बेचा जाता है ।

यहा सरपंच के सहयोग से ग्रामीणों के द्वारा रेती को डंप किया गया है , जिसे बरसात के मौसम में बेच सकें । यहां के सरपंच रेत माफियाओं को संरक्षण देते नजर आ रहा है । जी हां , हम आपको बता दें कि – दहिदा ग्राम पंचायत में यहाँ के सरपंच भी अवैध तरीके से बालू डंप कर अपनी मोटी कमाई में लगे हुए हैं और साथ ही साथ वहां के रेत माफियाओं का भी साथ दे रहे हैं । तब तो इतनी सारी यहां पर रेती डंप है । रेत माफिया रेत को अभी डंप करके रखे हुए हैं ।और भी डंप कर रहे हैं । और खुलेआम शासन को चूना लगा रहे हैं । वही हम बात करें खनिज विभाग की तो यहां तो वह देखने भी क्या ? झांकने भी नहीं जाते होंगे ? इसीलिए तो इनका मनो बल इतना बढ़ गया है कि -हजारों ट्रीप बालू को डंप करके रखे हैं ।
स्थानीय प्रशासन भी इस पर ध्यान नहीं दे रहा है ।

विदित हो कि – दहिदा ग्राम पंचायत सारंगढ़ मुख्यालय से लगभग 10 से 12 किलोमीटर के भीतर स्थित है। यहां पर तो एसडीएम साहब विराजमान करते हैं और कोसीर को भी उप तहसील का दर्जा दिया हुआ है । यहां भी तहसीलदार मैडम रहती हैं । लेकिन इन रेत माफियाओं पर क्यों ध्यान नहीं दे रहे हैं यह तो समझ से परे है ? रही बात यहां के कोसीर थाना की तो यहां पुलिस को स्थानीय ग्रामीण द्वारा कई बार शिकायत दिया गया हैं लेकिन कोसीर पुलिस भी इस पर ध्यान नहीं दे रहा है । ऐसा प्रतीत होता है की रेत माफियाओं का यहां भी मोटा लिफाफा का चढ़ावा चढ़ता होगा। इसीलिए तो इन खनन माफियाओं पर कुछ कार्यवाही नहीं हो रहा है ?

ज्ञातव्य हो कि – शासन प्रशासन को तो लाखों रु. का चूना लगा ही रहे हैं । साथ में जो ग्रामीण रेत खरीदने जाते हैं , उनको भी चुना लगा रहे हैं । अगर यहां पर बरसात के समय में ट्रैक्टर में रेत लेना हो तो आपको दो हजार से ₹25 सौ देने होंगे सिर्फ रेत का , ट्रैक्टर का अलग से भाड़ा लेते हैं । ऐसे में ग्रामीण भी परेशान हैं । अब तो देखने वाली बात होगी की शासन प्रशासन इस पर क्या कार्यवाही करती है ?

क्या कहते हैं खनिज अधिकारी ए बारिक

आप लोगों के द्वारा हमें ये जानकारी मिली है । अगर ऐसा वहां पर अवैध तरीके से रेत को डंप कर रहे हैं , तो उसका जांच करवा के आगे की कार्यवाही की जाएगी । फिलहाल अभी उस क्षेत्र के इंस्पेक्टर को बोल दिया गया है कि – उसकी जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत किया जाये ।

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