कोरोना की दूसरी लहर में भी खाकी ने जीती जंग,जनता को सुरक्षित रखने के लिए तपती गर्मी में भी रहते है तैनात

by bharatheadline

रायगढ. कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने रायगढ़ ही नही बल्कि पूरे प्रदेश में खलबली मचा दी है। कोरोना के बढ़ते संक्रमण से प्रतिदिन रिकार्डतोड़ कोरोना मरीज निकलकर सामने आ रहे थे। इस दौरान ऐसा भी वक्त आया जब आमजन की सुरक्षा में 24 घंटे चौक-चौराहों में ड्यूटी में तैनात पुलिस जवान भी एक-एक करके इस संक्रमण की जद में आ गए। लेकिन खाकी ने इस बढ़ते संक्रमण के सामने घुटने नही टेके, यह दुर्भाग्य रहा कि एक जवान कोरोना की जंग हार गया। लेकिन इसके बाद भी बुलंद हौसलों के साथ पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह व उप पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के नेतृत्व में दिन व रात पुलिस अधिकारी व जवान ड्यूटी कर रहे हैं। खतरनाक कोरोना काल में यह दूसरा दौर है जब जान हथेली में रखकर अपने परिवार से दूर 44 से 45 डिग्री तापमान में पूरे अनुशासन के साथ अपना फर्ज निभा रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक संतोष टीम के नेतृत्व में रायगढ़ पुलिस हर आपदा मंे लोगों के बीच पहुंचकर देवदूत की भूमिका निभाते रहे हैं। कहते हैं खाकी पहनने के बाद आम लोगों की सुरक्षा उनका मुख्य दायित्व रहता है लेकिन छत्तीसगढ़ का रायगढ़ जिला सबसे अलग इसलिए है क्योंकि यहां कोरोना को हराने के लिए फं्रट फूड पर खाकी तैनात रहती हैं जिससे आम लोगों को सुरक्षा का वो कवच मिलता है जिसकी वे कल्पना तक नही कर पाते।
कोरोनाकाल में लॉकडाउन के बीच हर जरूरतमंद लोगों तक सूखा राशन, दो वक्त का भोजन के अलावा बेजुबान मवेशियों का भी विशेष ध्यान रखा गया है। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में अब तक रायगढ़ जिले में 90 पुलिस जवान कोरोना संक्रमित हुए थे जिनमें अभी तक 56 जवान कोरोना को मात देकर वापस अपनी ड्यटी पर आ चुके हैं जबकि 33 अभी भी कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं इस दौरान 1 जवान की मौत कोरोना से हो चुकी है। लोगों के बीच रहने के कारण पुलिस कर्मियों पर लगातार कोरोना संक्रमण का खतरा रहता है, अक्सर कोविड मरीजों, किसी भी घटना या दुर्घटना में आने-जाने के साथ ही जरूरतमंद व होमआईसोलेशन में रह रहे लोगों तक मदद पहुंचाने के दौरान पुलिस जवान इस संक्रमण की जद में आ जाते हैं। कई बार ऐसा भी होता है कि पुलिस के द्वारा जिस अपराधी को पकड़ा जाता है वह कोरोना संक्रमित रहता है। बावजूद इसके थानों में पूरी कार्रवाई का निपटारा किया जाता है। ताकि वर्दी पर कोई दाग न लगे।
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने जहां पूरे प्रदेश में तबाही मचा रखी है जिससे बचने के लिए पूरे प्रदेश में लॉकडाउन लगाया गया है इस दौरान खाकी ने अपनी जान की परवाह किये बगैर कोरोना व आमजन के बीच दीवार बनकर खड़ी रही। खाकी की इस दिलेरी से कोरोना के बढ़ते संक्रमण में कमी जरूर आई है। शहरवासी पुलिस व प्रशासन के द्वारा जारी गाईडलाइन का पालन करते हुए अपने घरों में रहे। अब आलम यह है कि कोरोना संक्रमण से जंग जीतकर पुलिस के जवान, फिर से अपनी ड्यूटी पर हो चुके हैं।

बुलंद हौसलों की मिशाल है हमारी पुलिस टीम- संतोष सिंह
रायगढ़ जिले में कोरोना संक्रमण काल की दूसरी लहर में जिस प्रकार पिछले साल की तुलना में इस साल कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या दोगुनी गति से बढ़ी थी वह चिंता का विषय थी और उसे रोकने के लिए पुलिस टीम ने पूरी मुस्तैदी के साथ लॉकडाउन के तहत जनता को सुरक्षा देने का जो बीडा उठाया था उसमें जनता के सहयोग से ही सफलता मिली है। संतोष सिंह बताते हैं कि इस भयंकर महामारी से किसी कि जान बच जाए उनका पहला कर्त्व्य था और कुछ कडाई और कुछ ढिलाई के जरिए लॉकडाउन में जनता के बीच एक भरोसा कायम किया। इतना ही नही इस कोरोनाकाल में जनता सुरक्षित रहें और अपराधिक तत्व घटनाओं को अंजाम न दे सकें इसके लिए भी हमारे थाना प्रभारी शाबासी के पात्र हैं और आने वाले समय में भी बिना किसी डर भय के खाकी अपनी जान पर खेलकर अपना कर्तर्व्य निभाते रहेंगे। पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह का कहना था कि दानवीर किरोड़ीमल की नगरी में भूखों को भी इस लॉकडाउन में खाली पेट नही सोना पड़ा।

जनता की सुरक्षा हमारा प्रमुख दायित्व – अभिषेक वर्मा
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बताते हैं कि कोरोनाकाल की दूसरी लहर में जिस डर के वातावरण में जनता भयभीत थी वहीं रायगढ़ जिले के पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह के नेतृत्व में पुलिस की पूरी टीम चप्पे-चप्पे पर तैनात होकर जनता को कोरोना की दूसरी लहर से बचाने के लिए फ्रंट फूट पर खडी थी। उन्होंने बताया कि कोरोना मरीजों को कोई तकलीफ न हो उसके लिए बकायदा हर समय एक अलग टीम लगी हुई थी वहीं केआईटी, मेडिकल कालेज, जिला अस्पताल के साथ-साथ सभी निजी अस्पतालों में उनके जवान कोरोना मरीजों के बीच ड्यूटी करते हुए अपना फर्ज निभा रहे हैं। इतना ही नही जिले में बनाए गए कंटेनमेंट जोन और होम आईसोलेट व्यक्तियों पर नजर तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा बनाए गए विभिन्न वैक्सीन सेंटरों में भी इनकी तैनाती की गई है।

बार्डर में भी फर्ज निभा रहे पुलिस जवान
अभिषेक वर्मा बताते हैं कि लगातार पेट्रोलिंग के जरिए हर गतिविधियों पर नजर रखने के दिशा निर्देश पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह देते रहे हैं और अंर्न्त जिला बार्डर के अलावा स्टेट बार्डर में भी दिन व रात पुलिस जवान तैनात होकर अपना फर्ज निभा रहे हैं। इनके परिवार की चिंता मुखिया को है और समय-समय पर पुलिस अधिकारियों व जवानों को इस भयंकर महामारी के बीच ड्यूटी करने के लिए प्रोत्साहित करते रहते हैं।

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