घर बैठे खुद पता करें की आप कोविड पॉजिटिव हैं या नहीं, ‘CoviSelf Kit’ यूज करने का ये है आसान तरीका

by bharatheadline

कोरोना जांच के लिए अब आपको लंबी कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा साथ ही आप सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का भी पालन अच्छे से कर पाएंगे। जी हां इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने बुधवार को होम टेस्टिंग किट को मंजूरी दी है ये एक रैपिड एंटीजन टेस्ट (RAT) किट है, जिसे कोवीसेल्फ (CoviSelf) नाम दिया गया है। इस किट का इस्तेमाल लोग खुद अपना कोरोना टेस्ट करने के लिए कर सकेंगे। आइए जानते हैं कैसे घर बैठे आप कोविसेल्फ किट की मदद से अपना कोरोना टेस्ट कर सकते हैं।

होम टेस्टिंग के लिए कैसे करें कोवीसेल्फ का इस्तेमाल-

  • कोरोना संक्रमण जांचने के लिए सबसे पहले अपने मोबाइल पर मायलैब कोवीसेल्फ ऐप गूगल प्ले और एप्पल स्टोर से डाउनलोड करें।
  • ऐप खोलने के बाद एक फॉर्म आएगा और उसे भरने के बाद यह टेस्टिंग के लिए तैयार हो जाएगा।
  • हाथ धोने और सैनिटाइज करने के बाद किट से निकले उपकरणों को साफ जगह पर रखें।
  • सबसे पहले बफर ट्यूब को पैकेट से खोलकर दो-तीन बार हिलाएं।
  • किट के साथ मिलने वाली नेजल स्वॉब स्टिक को संबंधित व्यक्ति के नाक में दो से तीन सेंटीमीटर अंदर तक डालें और पांच बार धुमाएं।
  • इसके बाद नेजल सैम्पल को बफर ट्यूब में डालना है और दबाते हुए उसे 10 बार हिलाना है और फिर नेजल स्वॉब स्टिक को तोड़ देना है।
  • इसके बाद ट्यूब को सील करना है और टेस्टिंग कैसेट पर दो बूंद डालनी है और 15 मिनट तक इंतजार करना है।
  • इसके बाद पहले C लाइन आती है। जो यह दर्शाता है कि हमारा टेस्ट सही ढंग से हुआ है।
  • इसके बाद T लाइन आती है। अगर यह दोनों लाइन आती हैं तो यह माना जाता है कि संबंधित व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव है।
  • 15 मिनट तक अगर T लाइन नहीं आती है तो हम यह मान कर चलें कि संबंधित व्यक्ति निगेटिव है।
  • इसके बाद इसकी तस्वीर क्लिक कर उसे ऐप पर अपलोड करना है। जिसके बाद वहां से आपको कोरोना पॉजिटिव या निगेटिव रिपोर्ट मिलेगी।
    -मोबाइल फोन का डाटा सीधे आईसीएसआर के टेस्टिंग पोर्टल पर स्टोर हो जाएगा। मरीज की गोपनीयता बरकरार रहेगी।

कैसे करती है यह किट काम-
कोरोना होम टेस्टिंग किट लेटरल फ्लो टेस्ट पर काम करती है। कोरोना टेस्ट करते समय सबसे पहले आप अपनी नाक से लिए गए सैंपल को ट्यूब में डालते है। इस ट्यूब में पहले से एक लिक्विड भरा होता है। इस ट्यूब को किट के अंदर डाला जाता है जहां लिक्विड को सोखने वाला एक पैड लगा होता है। इस पैड से होकर ये लिक्विड एक पट्टी पर जाता है जहां पहले से ही कोरोना वायरस के स्पाइक प्रोटीन को पहचानने वाली एंटीबॉडी मौजूद होती है। अगर आप कोरोना वायरस से संक्रमित हैं तो ये एंटीबॉडी एक्टिवेट हो जाती हैं और किट आपका टेस्ट पॉजिटिव दिखा देती है। किट पर एक डिस्प्ले होता है जहां रिपोर्ट का रिजल्ट दिख जाता है। रिपोर्ट आपके ईमेल या टेस्ट किट बनाने वाली कंपनी की ऐप पर भी देखी जा सकती है।

इन बातों का रखें ध्यान-

  • वे लोग जिनमें लक्षण नजर आ रहे हैं या जो लोग हाल ही में संक्रमितों के संपर्क में आए हैं उन लोगों को ही कोविड-19 टेस्ट करना चाहिए।
    -जिन लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव होगी उन्हें होम आइसोलेशन को लेकर आईसीएमआर और स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन को मानना होगा।
    -आरटीपीसीआर करवाना होगा
  • लक्षण वाले जिन मरीजों का रिजल्ट निगेटिव आएगा, उन्हें आरटीपीसीआर का रिजल्ट आने तक होम आईओलेशन में रहना होगा।
    -CoviSelf किट के डेवलपर Mylab Discovery Solutions ने कहा कि इसकी कीमत 250 रुपये प्रति टेस्ट होगी।

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