नाबालिग बालक को बोर मशीन में काम कराने असम लेकर जाने वाला आरोपी गिरफ्तार,आरोपी गिरफ्तारी के भय से दो महीने से जंगल में बनाया था डेरा, आरोपी का एक साथी पूर्व में ‍गिरफ्तार‍

by bharatheadline

आरोपियों पर मानव तस्करी, प्लेसमेंट एक्ट और बाल श्रम के तहत पेश होगा चालान
पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह द्वारा गत दिनों क्राइम मीटिंग में थाना प्रभारी लैलूंगा को मानव तस्करी के लंबित प्रकरण में फरार आरोपी की गिरफ्तारी के संबंध में चर्चा किये । थाना प्रभारी बताये कि फरार आरोपी बनमाली यादव गिरफ्तारी के भय से घर में न होकर जंगल में छिपे होने की सूचना मिल रही है । पुलिस अधीक्षक द्वारा पूरा जंगल सर्च कर शीघ्र आरोपी की गिरफ्तारी का निर्देश थाना प्रभारी को दिये , जिस पर थाना प्रभारी द्वारा हमराह सहायक उपनिरीक्षक विजय गोपाल, आरक्षक अमरदीप एक्का, मयाराम राठिया, राजू तिग्गा के साथ धुमागुडा के जंगल में सर्च ऑपरेशन कर आरोप बनमाली यादव को हिरासत में लेकर थाना लाया गया ।
जानकारी के अनुसार थानाक्षेत्र में रहने वाले 16 वर्षीय बालक की मां दिनांक 03/03/2021 को थाना लैलूंगा में उसके नाबालिग बालक को लल्लू गांडा और बनमाली महकुल दोनों निवासी आमापाली लैलूंगा द्वारा अवैध लाभ प्राप्त करने के लिये बालक को सितम्बर 2020 से अपने साथ मार्शल वाहन में बिठाकर ले गये । दोनों गांव आ गये पर बालक नहीं आया । तब उनसे पूछी तो बोले “तुम्हारा बेटा असम शहर में गुम गया हमको कोई पता नहीं है और कहां गया उसे भी नहीं जानते हैं ।” बालक की मां उनसे बालक को खोजकर लाओ कहकर गुहार लगाती रही पर वे ध्यान नहीं दिये । तब उच्च कार्यालय एवं थाने में लिखित आवेदन देकर रिपोर्ट दर्ज कराई, रिपोर्ट पर आरोपियों के विरूद्ध अप.क्र. 66/2021 धारा 370 भादवि, 9 प्लेसमेंट, 14 बाल श्रम अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया । प्रकरण के आरोपी लल्लू उर्फ लालकुमार चौहान पिता सुकरूराम चौहान उम्र 27 वर्ष निवासी आमापाली को चार दिन पहले गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा गया है । दोनों आरोपी रिपोर्ट दिनांक से गिरफ्तारी के भय से फरार थे । आरोपी बनमाली यादव कभी गांव कभी जंगल में अपना लुक छिप कर रह रहा था । कई बार पुलिस उसके गांव में दबिश दी पर आरोपी पकड़ में नहीं आ पा रहा था । पुलिस अधीक्षक के दिशा निर्देशन पर धुमागुड़ा जंगल में सर्च ऑपरेशन चलाकर आरोपी को हिरासत में लेकर थाना लाया गया जिसे आज गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा गया है । बालक की मां बताई कि बालक का अब तक पता नहीं चला है, आरोपियों पर कार्यवाही का दबाव बनाने के बाद उनके द्वारा बालक की गुम रिपोर्ट असम में दर्ज कराई गई है ।

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