गोदाम के मैनेजर ने चुराई मसालों की 471 बोरियां, 21 साल तक कानूनी लड़ाई लड़ा किसान, तब जाकर मामला हुआ दर्ज

by bharatheadline

गुना जिले के बीनागंज में एक सरकारी गोदाम से मसाले की फसल चोरी करने के मामले में पुलिस को मामला दर्ज करने में 21 साल लग गए। आईपीसी की धारा 420, 409, 467, 468 के तहत मामला दर्ज किया है। बीनागंज कस्बे के 55 वर्षीय किसान भेरूलाल साहू को गोदाम प्रबंधक विजय कुमार अग्रवाल के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए 21 साल तक संघर्ष करना पड़ा। विजय पर आरोप है कि इसने दिसंबर 1999 में कथित तौर पर 471 बोरी सूखे धनिये की बोरियों को फसल चुराकर बाजार में 4.5 लाख रुपये में बेचा था।

जानें पूरा मामला
भेरुलाल साहू ने कहा, “मैं 1999 में 12 बीघा जमीन का मालिक था और कुछ 6-7 बीघा जमीन, मैंने किराए पर ली थी। मैंने और मेरे ससुर ने मई 1999 में बीनागंज के एक गोदाम में 471 बोरी धनिया जमा की थीं। मैंने एक व्यापारी से 1 लाख रुपये का कर्ज लिया था, जिससे मुझे अग्रवाल ने मिलवाया था। कर्ज के खिलाफ, मैंने लगभग 100 बोरी फसल गिरवी रख दी।”
“लेकिन दिसंबर 1999 में, जब मैं अपनी फसल बेचने के लिए व्यापारी के पास गया, तो मुझे पता चला कि अग्रवाल ने मेरे जाली हस्ताक्षर का उपयोग करके मेरे सभी बोरे बेच दिए। अपनी फसल या पैसे वापस पाने के लिए चार महीने तक संघर्ष करने के बाद मैंने पुलिस में शिकायत दर्ज करने का फैसला किया।”
“मैंने अप्रैल 2000 में बीनागंज पुलिस स्टेशन में चोरी और धोखाधड़ी का एक आवेदन दिया था। मुझे अपना कर्ज और खेत का किराया चुकाने के लिए अपनी 2.5 बीघा जमीन बेचनी पड़ी। मैंने सभी पांच पूर्व मुख्यमंत्रियों-दिग्विजय सिंह, उमा भारती, बाबूलाल, गौर और कमलनाथ से आग्रह किया। मैंने न्याय के लिए गुहार लगाई लेकिन कुछ नहीं हुआ। मैंने कई बार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से संपर्क किया, लेकिन वह भी मेरी मदद नहीं कर सके।”
साहू ने बताया, “इतना ही नहीं, मैं अग्रवाल को ट्रैक करता था और अपने पैसे वापस पाने के लिए उनसे कई बार मिला, लेकिन वह मेरे पैसे वापस करने के लिए तैयार नहीं थे। 2015 में, उन्होंने मुझे मामले को रफा-दफा करने के लिए 2 लाख रुपये की पेशकश की, लेकिन 15 साल बाद मेरे लिए यह एक किसान के गर्व और विश्वास की लड़ाई बन गई थी। मैं गुना के कम से कम 15 पुलिस अधीक्षकों से मिला और हमेशा एक जवाब मिला कि मामले की जांच की जा रही है।”

21 साल बाद दर्ज हुआ मामला
इसी साल फरवरी में गुना के पुलिस अधीक्षक के रूप में राजीव मिश्रा आए। वह सभी लंबित मामलों की समीक्षा कर रहे थे। साहू ने उनसे मुलाकात की और उन्हें 21 साल से लंबित आवेदन की जानकारी दी। साहू ने कहा, “एसपी ने बीनागंज पुलिस से मामले की जांच करने को कहा और चार महीने बाद आखिरकार मैं एक लंबी लड़ाई जीत गया।”
एसपी राजीव मिश्रा ने बताया, ‘मप्र गोदाम निगम के अधिकारी विजय अग्रवाल के खिलाफ धारा 420 (धोखाधड़ी), 409 (लोक सेवक द्वारा आपराधिक विश्वासघात), (मूल्यवान सुरक्षा की जालसाजी) और 468 (धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी) 467 के तहत मामला दर्ज किया गया है।”
उन्होंने कहा, “मैंने मामला दर्ज करने में दो दशक से ज्यादा की हुई देरी को लेकर भी जांच का आदेश दिया है।” उन्होंने ये भी बताया कि बार-बार प्रयास के बावजूद विजय अग्रवाल से फोन पर संपर्क नहीं हो सका।

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