जून भर लॉकडाउन लगातार…जून तक लॉकडाउन के पीछे स्वास्थ्य विभाग का क्या तर्क है?

by bharatheadline

रायपुर: आज हम बात करेंगे केंद्र की नई गाइडलाइंस पर दरअसल देश में कोरोना संक्रमण के गिरते ग्राफ के बीच कुछ राज्यों ने 1 जून से अनलॉक की तैयारी शुरू कर दी थी। लेकिन केंद्र ने साफ कर दिया है कि भले आंकड़ों में कमी आई है, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर अभी असरदार है। लिहाजा 30 जून तक जारी रहेंगी कोरोना से जुड़ी पाबंदियां और गाइडलाइंस। इतना ही नहीं केंद्र ने राज्यों को निर्देश दिया है कि अनलॉक की प्रक्रिया बेहद सोच समझकर और हालात का आकलन करने के बाद ही लें। ऐसे में सवाल है कि केंद्र की नई गाइडलाइन क्या है? जून तक लॉकडाउन के पीछे स्वास्थ्य विभाग का क्या तर्क है? सवाल ये भी क्या अब राज्य सरकारें केंद्र के फरमान पर अमल करेंगी?
कोरोना की दूसरी लहर पर ब्रेक लगाने कई राज्यों ने लॉकडाउन का सहारा लिया था, उसी का नतीजा है कि कोरोना संक्रमण की रफ्तार पहले से थोड़ी कम जरूर हुई है। रिकवरी रेट में भी तेजी से इजाफा हो रहा है, लेकिन जरा सी लापरवाही अब तक की सारी मेहनत पर पानी फेर सकती है। इसलिए केंद्र सरकार ने पहले से जारी सख्ती को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय की जो गाइडलाइंस 29 अप्रैल को जारी की गई थी, अब वो 30 जून तक पूरे देश में जारी रहेगी। ये दिशा निर्देश पिछले महीने की ही तरह हैं, इनमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। इन दिशा निर्देशों के मुताबिक कंटेनमेंट जोन की सीमा तय करने का अधिकार राज्यों के पास ही है, जिन राज्यों में पॉजिटिविटी रेट 10 फीसदी से ज्यादा और अस्पताल में 60 फीसदी क्षमता से ज्यादा भरे हो, वो इलाके संवेदनशील माने जाएंगे। केंद्र सरकार की तरफ से राज्य सरकारों को निर्देश दिया गया है कि कोई भी ढील सोच समझकर और हालात का आकलन करने के बाद ही ली जाए। केंद्र की नई गाइडलाइन इसलिए भी अहम हो जाता है कि क्योंकि मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ समेत कई राज्य अनलॉक की तैयारी में जुटे हैं।
मध्यप्रदेश की बात करें तो शिवराज सरकार ने 1 जून से लॉकडाउन में छूट देने का ऐलान कर दिया है। हालांकि मॉल और सिनेमाहॉल को अभी भी बंद रखने का फैसला किया गया है। वहीं, शादी समारोह के आयोजन में छूट देने पर सहमति बनी है जिसमे अधिकतम 20 लोग शामिल हो सकते हैं। धार्मिक स्थलों पर भी पुजारियों के साथ कुछ ही श्रद्धालु आरती में शामिल हो सकेंगे। अब जब केंद्र के नया आदेश जारी कर दिया है तब अनलॉक की प्रक्रिया पर फिर से विचार करेगी राज्य सरकार।
बहरहाल दोनों राज्यों में पिछले कुछ दिनों में संक्रमण के मामलों में गिरावट आई है। मध्यप्रदेश में पॉजिटिविटी दर 2.56 प्रतिशत है तो छत्तीसगढ़ में अब 4.3 फीसदी संक्रमण दर है और जरा सी चूक फिर से हालात बिगाड़ सकते हैं। यही वजह है कि केंद्र ने 30 जून तक सख्ती बरतने का निर्देश दिया है। ऐसे में सवाल है कि क्या लॉकडाउन ही कोरोना से जीतने का एकमात्र विकल्प है? क्या राज्य लॉकडाउन में ढील देने की स्थिति में नहीं हैं? क्या जून महीने तक लॉकडाउन बढ़ाने से दूसरी लहर का खतरा पूरी तरह से खत्म हो जाएगा? सवाल ये कि क्या केंद्र की नई गाइडलाइन का पालन करेंगे राज्य सरकार? जाहिर है ऐसे कई सवाल हैं, जो केंद्र सरकार के फैसले के बाद उठ रहे हैं। इस फैसले का सीधा असर आम जनता पर ही पड़ेगा।

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