कलेक्टर एवं एसपी ने किया पुसौर क्षेत्र के तरणा, केनसरा तथा पुसल्दा गोठानों का निरीक्षण

by bharatheadline

रायगढ़। कलेक्टर भीम सिंह ने कल पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह के साथ पुसौर क्षेत्र के ग्राम पंचायत तरणा, केनसरा और पुसल्दा स्थित गोठानों का निरीक्षण कर गोबर खरीदी तथा तैयार वर्मी खाद की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। तरणा गोठान में अधिकारियों ने बताया कि दो अलग-अलग महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा 8 हजार और 3 हजार कुल 11 हजार रुपये का सब्जी बिक्री किया गया है। इस गांव में कुल 266 पशु है जिसमें से 80 से 90 पशु प्रतिदिन गोठान में आते है। यहां वर्मी खाद तैयार होने की प्रक्रिया प्रारंभ हो गयी है शीघ्र ही यह गोठान आत्मनिर्भर हो सकेगा। कलेक्टर श्री सिंह ने तरणा में महिला स्व-सहायता समूह को सेनेटरी पैड निर्माण के लिये 50 हजार रुपये की राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिये ।
केनसरा स्थित गोठान में अधिकारियों ने जानकारी दी कि अक्टूबर 31 तक क्रय किये गये गोबर को वर्मी पिट में डाला जा चुका है जो वर्मी खाद के रूप में जनवरी प्रथम सप्ताह में बिक्री के लिये उपलब्ध हो सकेगा। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि प्रत्येक गोठानों में ऐसी प्लानिंग करें कि एक माह पूर्व तक का गोबर वर्मी पिट में डाला जाये एक माह से अधिक पूर्व का गोबर खुले में नहीं रहना चाहिये। यदि वर्मी पिट कम पड़ रहे है तो और तैयार करने के प्रस्ताव करें और कृषि विभाग द्वारा उपलब्ध कराये गये वाटरप्रुफ किट में भी वर्मी खाद तैयार करें, उन्होंने वर्मी खाद उपलब्ध होने पर स्थानीय किसानों की आवश्यकता अनुरूप खाद गोठान से ही प्रदान करने के निर्देश दिये और कहा कि किसी भी व्यक्ति को वर्मी खाद खरीदने के लिये समितियों का चक्कर नहीं लगाना पड़े। खाद बिक्री की संपूर्ण प्रक्रिया एप के माध्यम से गोठान में उपलब्ध होनी चाहिये।
कलेक्टर श्री सिंह ने जिले के सभी गोठानों में पिछले 6 माह से जारी गोबर खरीदी की मात्रा की जानकारी तथा तारीखवार वर्मीपिट में डाले गये गोबर की जानकारी एवं तैयार वर्मी कंपोस्ट की मात्रा का अपडेट रिकार्ड पंजी में संधारित करने के निर्देश दिये और गोठानों में अन्य व्यावसायिक गतिविधियां जैसे मछली पालन, मुर्गीपालन इत्यादि के लिये भी स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहित किये जाने के निर्देश दिये।
ग्राम पंचायत पुसल्दा में 25 एकड़ में संचालित गोठान के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री सिंह ने पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के लिये वैकल्पिक व्यवस्था किये जाने के निर्देश दिये और कहा कि गोधन न्याय योजना राज्य शासन की बहुआयामी योजना है इसका अधिक से अधिक लाभ ग्रामीणों को मिलना चाहिये जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में मजबूती आयेगी और ग्रामीण जीवन खुशहाल होगा। कलेक्टर श्री सिंह ने गोठानों में उपस्थित ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्यायें भी सुनी तथा महिला स्व-सहायता समूह की सदस्यों से चर्चा कर उनकी आमदनी के बारे में जानकारी ली। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी, एसडीएम रायगढ़, तहसीलदार पुसौर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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