छोटे व मझले उद्योग संकट में , कच्चा माल की सप्लाई में बड़ी कंपनियां कर रही है मनमानी- संजय

by bharatheadline

रायगढ़. कोरोना वायरस के संकट के बाद भी रायगढ़ जिले के छोटे व मझले उद्योग एक बार फिर से संकट के बावजूद भी उबरने में लगे हैं। हालांकि उत्पादन अभी भी 50 से 60 प्रतिशत हो रहा है। बावजूद इसके उद्योगपति नुकसान के बाद भी संचालन करते हुए आर्थिक मंदी के साथ-साथ बड़ी कंपनियों की मनमानी से जूझ रहे हैं। स्पंज आयरन एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष व उद्योगपति संजय अग्रवाल ने इस संबंध में बताया कि बड़ी कंपनियों के द्वारा आयरन ओर सहित अन्य कच्चा माल सप्लाई करने में अपने ही नियम कानून लादकर छोटे व मझले उद्योग में सप्लाई जान बूझकर रोक लेती है और कई बार तो उद्योगपतियों को नुकसान भी उठाना पड़ता है।
संजय अग्रवाल का कहना है कि अंबानी, अडानी, जेएसडब्ल्यू जैसी बड़ी कंपनियों के पास आयरन ओर तथा अन्य कच्चा माल सप्लाई करने का एकतरफा ठेका मिला हुआ है। जिसके चलते रायगढ़ जिले के अधिकांश उद्योग इन्हीं कंपनियों पर आश्रित है। उनका कहना है कि आर्थिक मंदी व कोरोना वायरस के बाद भी ये कंपनियां अपने ही तरीके से माल का भाव तय करती है और इसमें भी जिन उद्योगपतियों द्वारा कच्चा माल की डिमांट की जाती है तो उन्हें न तो समय पर कच्चा माल मिलता है और न ही बड़ी कंपनियों के अधिकारी सप्लाई में होनें वाली देरी का नुकसान भरते हैं। इतना ही नही कई बार तो छोटी व मध्यम कंपनियों के मालिकों द्वारा एडवांस राशि दिये जाने के बाद भी उनकी शर्ते पूरी नही होनें पर सप्लाई रोक दी जाती है जिससे उद्योगों को थोड़ा नुकसान उठाना पड़ता है। उनका कहना है कि सरकार को चाहिए कि बड़ी कंपनियों के इस रवैये को ठीक करने के लिए कोई ऐसा नियम बनाए जिससे जिले के उद्योगों को समय पर कच्चा माल मिले और उन्हें नुकसान भी न हो। संजय अग्रवाल ने यह बताया कि इस संबंध में पूर्व में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भी अवगत कराया गया था लेकिन इस मामले में कोई पहल नही होनें से बड़ी कंपनियों की मनमानी लगातार जारी है।
रायगढ़ जिले के 50 प्रतिशत से भी अधिक उद्योग कच्चे माल की सप्लाई से जूझ रहे हैं और कई ऐसे उद्योग भी हैं जिन्हें बड़ी कंपनियों द्वारा अलग-अलग नियमों के पालन के नाम पर करोड़ो रुपयों का नुकसान भी हो चुका है और इसके लिए बड़ी कंपनियों पर लगाम लग सके।

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