वैक्सीन तो बन गई लेकिन अब म्यूटेट होकर वायरस बढ़ा रहा दिक्कतें, ऐसे समझें

by bharatheadline

दुनिया में जब कोरोना महामारी आई तो तमाम देशों के वैज्ञानिक इस महामारी के खिलाफ वैक्सीन में जुट गए। कड़ी मेहनत के बाद कई देशों के वैज्ञानिकों ने वैक्सीन भी तैयार कर ली है, लेकिन अब वैज्ञानिकों के सामने एक नई समस्या आ रही है, जिसकी पहले भी कई बार आशंका जताई जा चुकी थी। कोरोना महामारी के खिलाफ टीका बनने के बाद ऐसा लग रहा था कि शायद अब दुनिया में सबकुछ पहले जैसा हो जाएगा, लेकिन यूनाइटेड किंगडम और दक्षिण अफ्रीका में कोरोना संक्रमण के नए मामलों ने वैज्ञानिकों को चिंता में डाल दिया है। यहां हाल में शोध में पाया गया है कि कोरोना वायरस लगातार म्यूटेट हो रहा है और वायरस का बदला हुआ रूप ज्यादा खतरनाक हो सकता है।
पहले से ज्यादा खतरनाक हो सकता है नया स्ट्रेन
सबसे पहले कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन का मामला ब्रिटेन में देखने को मिला था, जिसके बाद वैज्ञानिकों में हड़कंप मच गया। ब्रिटेन में नए कोरोना स्ट्रेन का मामला सामने आने के बाद ऐहतियात के तौर पर स्ख्त लॉकडाउन लगा दिया गया है और कई उड़ानों को भी रद्द कर दिया गया है। वैज्ञानिकों के सामने सबसे बड़ी चुनौति यह है कि यदि कोरोना वायरस म्यूटेट होकर नया स्ट्रेन तैयार कर रहा है तो ऐसे में कोरोना वैक्सीन बेअसर तो नहीं हो जाएगी। वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन को VUI-202012/01 नाम दिया है।
अधिकारियों ने नए स्ट्रेन को बताया ‘नियंत्रण से बाहर’
वैज्ञानिकों के सलाह के बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने आशंका जताई है कि वायरस का नया स्ट्रेन 70 प्रतिशत ज्यादा खतरनाक हो सकता है, इसलिए ब्रिटेन में लॉकडाउन के चलते क्रिसमस मनाने की छूट भी नहीं दी जा रही है। हालांकि फिलहाल यूनाइटेड किंगडम के स्वास्थ्य अधिकारियों को ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है कि वायरस के नए स्ट्रेन के सामने वैक्सीन बेअसर हो रही है और इससे मृत्युदर में बढ़ोतरी हो रही है। वहीं ब्रिटिश स्वास्थ्य सचिव मैट हैनकॉक ने रविवार को देश में मिले कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन को ‘नियंत्रण से बाहर’ बताया। ऐसे में यह नया स्ट्रेन तेजी से फैलता है तो ज्यादा लोग बीमार पड़ सकते हैं।
जानिए क्या होता है वायरस का म्यूटेशन
दरअसल हर वायरस में लगातार म्यूटेशन होता रहता है यानि लगातार अपना रूप बदलते रहता है। अधिकतर वायरस म्यूटेट होने के बाद खुद ही मर जाते हैं और ज्यादा लंबे समय तक जीवित नहीं रहते हैं। लेकिन कुछ वायरस ऐसे भी होते हैं जो म्यूटेट होने पर ज्यादा खतरनाक और मजबूत हो जाते हैं। ऐसे में वायरस का नया रूप यानि स्ट्रेन तेजी से बीमारी फैला सकते हैं। पहले हो चुकी कई महामारियों में यह देखने में आ चुका है कि वायरस म्यूटेट होकर ज्यादा खतरनाक हुआ और कई लोगों को बीमार भी कर चुका था। ये प्रक्रिया इतनी जल्दी होती है कि इसे वैज्ञानिकों को समझने और रिसर्च करने का भी समय नहीं मिल पाता है। ऐसे में यदि ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका में कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन मिला है तो यह चिंता का विषय हो सकता है। इसलिए पहले ही ऐहतियात के तौर पर लॉकडाउन जैसी पाबंदियां लगा दी गई है।

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