कोरोना संक्रमण के बीच केक पर ब्रेक, नए साल के लिए नहीं मिल रहे आर्डर

by bharatheadline

बिलासपुर। वर्ष 2020 की विदाई और 2021 का स्वागत भी कोरोना की भेंट चढ़ते दिखाई दे रहा है। संक्रमण का खौफ ऐसा कि केक बनाने वाली कंपनियों के बाद मांग ही नहीं पहुंच रहा है। नए वर्ष के उत्सव के दौरान सबसे अहम केक होता है। केक तो कटेंगे पर बीते वर्ष की तुलना में आंकड़ा कम होने की आशंका जताई जा रही है। उत्सव पर सबसे ज्यादा गुलजार रहने वाले केक बाजार ने तैयारियां शुरू कर दी है लेकिन सीमित मात्रा में, यह इसलिए क्योंकि ऑर्डर तो दूर पूछ-परख भी चालू नहीं हुई है। लिहाजा छोटे केक की मांग निकल रही है।
मार्च के महीने से लेकर अब साल के आखिरी महीने में भी कोरोना संक्रमण का खौफ लोगों के दिलो दिमाग पर छाया हुआ है। नए वर्ष के स्वागत के लिए होटलों में तैयारियों के बीच कोरोना का डर भी दिखाई दे रहा है। केंद्र सरकार के गाइड लाइन का असर भी उत्सव के दौरान नजर आएगा। तीज त्योहार पर संक्रमण का साया तो दिखाई दिया अब न्यू ईयर पार्टी पर नजर आने लगा है। ढील और कारोबारी गतिविधियों में छूट के बाद सीमित ग्राहकी के बीच किसी तरह अपना वजूद बनाने में लगा हुआ केक बाजार के लिए सबसे बड़ा सीजन न्यू ईयर पार्टी का अवसर ही होता है। यह भी हाथ से जाते दिखाई दे रहा है। बड़े आयोजनों को लेकर आयोजक अब भी परहेज करते नजर आ रहे हैं। जाहिर है ऐसे में ना तो बड़ी पार्टी होगी और ना ही बड़े केक कटेंगे। मतलब साफ है केक के बड़े आर्डर भी इकाइयों को नहीं मिल पा रहा है। न्यू ईयर पार्टियों के लिए अधिकतर मांग 700 रुपये से 3000 रुपये तक की कीमत वाले केक की होती रही है। इसमें रिकार्ड 75 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। शेष बचा 25 प्रतिशत बाजार के दम पर केक इकाइयों को जीवन नहीं दिया जा सकता इसलिए सीजन के बावजूद हताश तो है यह बाजार लेकिन राहत दे रही है छोटे केक की बढ;ती मांग। उम्मीद तो है कि भरपाई की जा सकेगी पर यह भी ज्यादा नहीं है।
इस बार इस तरह निकल रही मांग
केक निर्माण इकाइयां अब पूरी तरह ऐसे छोटे केक की उठती मांग पर निर्भर है जिनकी कीमत 100 से लेकर 500 रुपये के बीच है। ढील और छूट के बाद केक बाजार दूसरे बाजार की तरह 75 फीसदी पटरी पर आ चुका है।
गाइड लाइन के बीच मनेगी पार्टी
रक्षाबंधन, स्वतंत्रता दिवस, गणेश उत्सव,नवरात्रि, दशहरा और, दीपावली तक पर जारी गाइड लाईन न्यू ईयर पार्टियों पर भी समान रूप से प्रभावी रहेगी। स्थानीय पर्व के अलावा बड़े धार्मिक आयोजनों पर भी भारी पड़ चुका गाइड लाईन न्यू ईयर और पार्टियों पर भी लागू रहने के बाद आयोजन करने वाली इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों पर भी लागू माना जाएगा।

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