सरगुजा जिले के मैनपाट में हाथियों की निगरानी में गुजर रही वन कर्मियों की रात

by bharatheadline

बिलासपुर। सरगुजा जिले के मैनपाट वन परिक्षेत्र के अधिकारी, कर्मचारियों की रात इन दिनों हाथियों की निगरानी में गुजर रही है। पिछले तीन दिनों से नौ हाथियों का दल रात को मैनपाट के गांव में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा है। जंगल किनारे की बसाहटो में हाथी पहुंच रहे हैं। वन अधिकारी कर्मचारी आबादी क्षेत्र से हाथियों को दूर रखने गजराज वाहन का उपयोग करने के साथ ही मशाल का भी सहारा ले रहे हैं।
मंगलवार की रात लगभग दस बजे नौ हाथी मैनपाट के ललेया गांव के नजदीक पहुंच गए थे। कुछ दिन पहले हाथियों ने जंगल किनारे महेश्वर नामक ग्रामीण का घर क्षतिग्रस्त कर दिया था। उसी घर के पास पहले तीन हाथी पहुंचे। तीनों हाथी तेजी से गांव की ओर आगे बढ़ रहे थे। ऐसे में रेंजर फेकू प्रसाद चौबे के नेतृत्व में वन अधिकारी, कर्मचारियों ने हाथियों को पीछे खदेड़ने की योजना बनाई। योजना के तहत गजराज वाहन का सायरन बजाना शुरू किया गया। तेज रोशनी की गई।
इंसानों की हलचल बढ़ते ही हाथियों के कदम ठिठक गए और वे एक घर के नजदीक आकर रुक गए। हाथियों द्वारा मकान को क्षतिग्रस्त करने की आशंका को देखते हुए तत्काल पुआल से मशाल बनाई गई। एक साथ कई मशाल बनाकर जिस इलाके में हाथी खड़े हुए थे, वहां तेज रोशनी की गई। उसके नजदीक के इलाके को मशाल से रोशन कर दिया गया। गजराज वाहन की तेज लाइट हाथियों पर जलाई गई, तब जाकर हाथी आगे बढ़ने के बजाय पीछे की ओर जाने लगे।
रेंजर फेकू प्रसाद चौबे के मुताबिक, ग्रामीणों के सहयोग से वन अधिकारी, कर्मचारियों ने ललेया बस्ती में हाथियों को घुसने से रोका और लगातार गजराज वाहन का सायरन बजाकर तेज रोशनी की जाती रही, जिससे हाथी दूसरी दिशा में मुड़ गए। सरभंजा बस्ती के किनारे से होते हुए हाथियों का दल सुबह लगभग चार बजे कापू वन क्षेत्र के जंगल में घुस गया। हाथियों ने मंगलवार की रात को ही कापू क्षेत्र के छपरा गांव में तीन ग्रामीणों का घर ढहा दिया था। यहां गांव वालों द्वारा एकजुट होकर खदेड़ा जाने से हाथी नजदीक के नाले में पहुंच गए थे। काफी देर तक नाले के आस-पास विचरण करने के बाद हाथियों का दल मैनपाट के ललेया में घुसने की कोशिश कर रहा था। उन्होंने बताया कि मैनपाट और कापू का सीमावर्ती जंगल हाथियों के रहवास के अनुकूल है। यहां चारा, पानी की पर्याप्त उपलब्धता के कारण हाथी मौजूद रहते हैं। मैनपाट से कापू को जोड़ने वाले कुमरता के नजदीक बुधवार की सुबह हाथियों के पहुंच जाने से इस मार्ग में लोगों की आवाजाही को भी रोका गया है। कापू और मैनपाट वन क्षेत्र के अधिकारी, कर्मचारी हाथियों के विचरण क्षेत्र की जानकारी लेकर उस अनुरूप ग्रामीणों को सजग करने में लगे हुए हैं, ताकि जनहानि की घटनाएं न हो। हाथियों के स्वच्छंद विचरण से छपराडाड़ किरचा, ललेया, सरभंजा, डूमरभावना, पुसौडेरा, सलखेता कुमहरता और आस-पास के गांव में रहने वाले भयभीत हैं।

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