सर्दी में कोरोना संक्रमण हो रहा खतरनाक, बच्चों व बुजुर्गों का रखना होगा ख्याल, सर्दी को सामान्य फ्लू खुद न समझें, डॉक्टर से तुरंत परामर्श लें

by bharatheadline

रायगढ़। साल 2020 अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ने लगा है। इसके साथ ही तापमान का पारा भी गिरने लगा है। गिरते तापमान के चलते ठंड का प्रकोप बढ़ने लगा है। यह मौसम बच्चों व बुजुर्गों के लिए खतरनाक माना जाता है। चिकित्सकों के अनुसार बच्चों व बुजुर्गों को ठंड से बचना चाहिए। कोरोना काल में इससे बचाव करना और भी जरूरी माना जा रहा है। मौसमी बीमारियों का भी प्रकोप बढ़ रहा है। सर्दी, खांसी, बुखार, अस्थमा आदि के मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। खानपान से लेकर सेहत तक में देखभाल की विशेष जरूरत है। जिला सरकारी अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार सरकारी व निजी अस्पतालों में इन दिनों डायरिया, निमोनिया व वायरल के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। ऐसे में ठंड से बचाव के उपाय अपनाने बेहद जरूरी हैं। 
चिकित्सकों की मानें तो सर्दी-जुकाम, खांसी व बुखार ठंड लगने से नहीं बल्कि वायरस से फैलते हैं। शरीर जब ठंडा होता है तो नाक व गले की रक्त वाहनियां संकरी हो जाती हैं और इंफेक्शन से लड़ने वाली सफेद रक्त कोशिकाओं का प्रवाह कम हो जाता है। इससे प्रतिरोधक क्षमता में कमी आती है और ऐसे में शरीर आसानी से कोरोना वायरस से भी संक्रमित हो सकता है। इसके लिए चिकित्सा विशेषज्ञ लगातार सावधानियां बरतने की सलाह दे रहे हैं।
सतर्कता एवं एहतियात बरतना जरूरी : सीएमएचओ डॉ. एसएन केसरी
जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एसएन केसरी कहते हैं “ठंड की शुरुआत हो चुकी है। वर्ष 2019 में सर्दियों में ही कोरोना वायरस सक्रिय हुआ था, इसलिए यह मौसम वायरस के अनुकूल है, जिससे वह ताकतवर हो रहा है। इसलिए लापरवाही छोड़कर सतर्कता एवं एहतियात बरतना जरूरी है। मास्क लगाएं और दो गज की दूरी का पालन करें। उन्होंने कहा कि एहतियात, मास्क और दो गज की दूरी कोरोना से जंग के लिए है जरूरी…।”
अपनी सुरक्षा अपने हाथ : डॉ. रूपेंद्र पटेल
अशर्फी देवी महिला चिकित्सालय के प्रमुख डॉक्टर रूपेंद्र पटेल कहते हैं “बुजुर्गों को बादाम/मूंगफली व फलों का सेवन करना चाहिए। ठंडी चीजों से परहेज करना चाहिए, रोजाना दिन में तीन चार बार गर्म पानी का सेवन करें। खाना खाने के बाद गर्म पानी जरूर पीना चाहिए और तुरंत बिस्तर पर जाकर सोए नहीं। खाना खाने के करीब एक घंटे बाद सो सकते हैं। इस समय ठंड बढ़ने के साथ साथ कोरोना संक्रमण भी बढ़ रहा है। बच्चों व बुजुर्गों को घर से बाहर निकलने से पहले गर्म कपड़ों से अपने शरीर को ढक कर रखना चाहिए। इसके अलावा घर से बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग जरूर करें और बाजारों में भी शारीरिक दूरी का अवश्य ध्यान रखें। अपनी सुरक्षा अपने हाथ है।
समय रहते चिकित्सक से परामर्श लें : डॉ. चेतवानी
मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर प्रकाश चेतवानी कहते हैं “ठंड का मौसम बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए घातक है। अत्यधिक ठंड में घर से बाहर होने पर बच्चों व बुजुर्गों को निमोनिया की शिकायत हो सकती है। ऐसे में बच्चों व बुजुर्गो का खास ख्याल रखें। मौसम के मिजाज के अनुसार गर्म कपड़े पहनें।  शरीर में जरा सा भी बदलाव महसूस होने पर चिकित्सक से संपर्क करें, इसे ठंड का प्रभाव जैसा न समझें। कोरोना के लक्षण सामान्य बुखार जैसा ही होता है इसलिए समय रहते चिकित्सक से संपर्क करें। बुढ़ापे में प्रतिरोधक शक्ति कमजोर होने की वजह से सर्दी लगने के कारण निमोनिया, खांसी, जुकाम, बुखार आसानी से हो जाता है। दिल के मरीजों को टहलने के लिए तभी निकलना चाहिए जब मौसम में थोड़ी गर्माहट पैदा हो जाए।
 सर्दी लगने पर बीमारी के लक्षण

  • जोर-जोर से छींक आना
  • तेज नाक बहना
  • गले में खराश या खांसी होना
  • शरीर में अकड़न या बुखार होना
  • उल्टी व दस्त लगना
    ठंड से बचाव
  • सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनकर घर से निकलें।
  • ठंड पांवों से शरीर में प्रवेश करती है, इसलिए पैरों में मोजे व जूते पहनें।
  • वाहन चलाते समय हाथों में दस्ताने पहनकर रखें
  • भोजन के साथ व अन्य समय में पीने के लिए थोड़ा गर्म पानी का प्रयोग करें।
  • छोटे बच्चों ठंडी हवा न लगने दें
  • सर्दियों में धूप में अवश्य बैठें।

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