फायदे तो बहुत हैं लेकिन इन नुकसानों से भी रहें अलर्ट

by bharatheadline

देश में तीन नए कृषि किसानों को लेकर केंद्र सरकार और किसान संगठनों के बीच गतिरोध बढ़ता ही जा रहा है। किसान संगठन जहां एक के बाद एक अपनी मांगों को बढ़ाते हुए कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे हैं, वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि एमएसपी लागू रखने का आश्वासन देने के बाद भी किसान संगठन आंदोलन खत्म नहीं कर रहे हैं। दरअसल तीनों कृषि कानूनों में एक कानून कॉन्ट्रेक्ट फॉर्मिंग (Contract Forming) को लेकर हैं। कॉन्ट्रेक्ट फॉर्मिंग देश के कई राज्यों में पहले से की जा रही रही है, वहीं किसानों की माली हालत में भी सुधार हुआ है। यही कारण है कि केंद्र सरकार कॉन्ट्रेक्ट फॉर्मिंग के फायदों को गिनाने से नहीं थक रही है। यह सही है कि कॉन्ट्रेक्ट फॉर्मिंग से किसानों को कई फायदे हैं, लेकिन यदि किसान जागरूक नहीं रहे तो उसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। आइए जानते हैं कॉन्ट्रेक्ट फॉर्मिंग से किसानों को क्या फायदे होते हैं और थोड़ी सी लापरवाही के क्या नुकसान हो सकते हैं –

कॉन्ट्रेक्ट फॉर्मिंग से फायदे

  • इसमें फसल की बुआई या रोपाई के वक्त ही फसल की कीमत एग्रीमेंट करने वाली कंपनी द्वारा तय कर दी जाती है। कंपनी फसल उत्पाद को खरीदने की ग्यारंटी लेती है, इसलिए किसानों का जोखिम कम हो जाता है।
  • फसल का भाव पहले से तय होने के कारण किसान बेफिक्र होकर अच्छी फसल की पैदावार होने पर ध्यान देता है।
  • चूंकि कंपनी द्वारा किसान से फसल उत्पाद खरीदने का एग्रीमेंट किया हुआ रहता है, इसलिए कंपनी भी चाहती है कि किसान के फसल का अच्छा उत्पादन हो। किसान की फसल की पैदावार अच्छी होगी तो ही कंपनी भी मुनाफा कमा सकेगी। कंपनी इस काम में किसान को तकनीकी व बीज खाद आदि की भी मदद कर सकती है।
  • एग्रीकल्चर सेक्टर से जुड़ी हुई कई कंपनियों के पास ब्रीडिंग और एडवांस बायोटेक्नोलॉजी के जरिए जीन सुधा और जीन एडिटिंग से फसलों को रोग प्रतिरोधक बनाने की क्षमता है। किसान इसका फायदा उठा सकता है।
  • कई कृषि विशेषज्ञ तीनों नए कानूनों को हरित क्रांति के समान बता रहे हैं। इन कानूनों से देश की कृषि अर्थव्यवस्था में पूरी तरह से बदलाव आ जाएगा और किसानों की माली हालत में भी सुधार होगा।
    कॉन्ट्रेक्ट फॉर्मिंग के नुकसान
  • किसान एग्रीमेंट करने से पहले फसल के लिए मिलने वाले भाव की तुलना अपनी लागत से जरूर करें। साथ ही यह भी देखें को सरकार ने एमएसपी सिस्टम जारी रखा हुआ है और कंपनी जिस भाव पर किसान से संमझौता कर रही है, वही एमएसपी से कम तो नहीं हैं।
  • कॉन्ट्रेक्ट फॉर्मिंग से बड़े खरीददारों का बाजार में एकाधिकार बढ़ जाएगा। कम कीमत मिलने पर किसानों के शोषण का खतरा है। इसलिए सरकारी स्तर जो एमएसपी व्यवस्था लागू की गई है। कम से कम उतना दाम पाने का प्रयास करें।
    -कॉन्ट्रेक्ट फॉर्मिंग देश के किसानों के लिए एक नई व्यवस्था है, जिसे समझने में अभी कुछ समय लग सकता है। कंपनी के साथ एग्रीमेंट करने से पहले उसके बारे जानकारी हासिल कर लें। कंपनी का पुराना रिकॉर्ड भी पता करें।

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