तमनार ब्लाक के मिलुपारा में पहुँचे कलेक्टर
आदिवासी किसानों की समस्याओं को सुना

by bharatheadline


आज जिले के कलेक्टर भीम सिंह ने अपने तमनार ब्लाक के दौरे के दौरान गारे पेलमा -lll क्षेत्र के ग्राम मीलुपारा में वन अधिकार पट्टा be से वंचित आदिवासी किसानों से मिले| सिदार पारा मोहल्ले में लगभग 300 आदिवासी ग्रामीण उपस्थित थे और स्थानीय नागरिकों ने एक-एक करके अपनी मांगे रखी | लोगों ने वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा ग्रामीणों किए गए दुर्व्यवहार व मारपीट के बारे में शिकायत की, जिस पर वनमंडलाधिकारी ने कार्यवाही करने की बात कही |

ग्रामीणों ने बताया किया भूमि उनके पूर्वजों की है जिस पर वे खेती करते आ रहे हैं और उन्हें वन अधिकार पट्टा मिलना न्यायोचित है| इस संदर्भ में ग्रामीणों के द्वारा बताया गया की मिलूपारा में वन अधिकार कानून के तहत वन भूमि के अपवर्तन के लिए ग्राम सभा की अनापत्ति नहीं ली गई, और इसके जवाब में कलेक्टर महोदय ने तत्कालीन कलेक्टर के द्वारा जारी किया गया अनापत्ति प्रमाण पत्र दिखा कर ग्रामीणों की सारी शंकाओं का निराकरण किया |

एसडीएम द्वारा बताया गया कि कुल 6 लोगों ने उन्हें एक समय पर आवेदन किया था और उन्हें पट्टा जारी करने के साथ साथ मुआवजा भी दिया गया था | बाकी आवेदक अयोग्य होने पर उनके आवेदनों को खारिज किया गया था | सरकारी अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया की NGT और अन्य संथाओं के आदेश का सुनोयोजित रूप से पालन होगा। कलेक्टर महोदय, जिला पंचायत सीईओ, वन मंडलाधिकारी, एसडीएम तथा अन्य विभागीय अधिकारियों व ग्रामीणों ने बंजारी मंदिर के पीछे जीपी-lll डंपिंग के पास जाकर स्थल निरीक्षण किया गया उनके खेतों को भी देखा |

यह उल्लेखनीय है की गरे पाल्मा – 3 खदान से राज्य सरकार की कंपनी छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (CSPGCL), कोयला निकाल कर अपने संयंत्र से प्रदेश और आस पास के राज्यों में बिजली की आपूर्ति कराएगी | आज जहाँ कुछ स्थानीय लोग ग्रामीण को भ्रमित करने के कार्य में लगे हुए हैं, वहां कलेक्शन श्री भीम सिंह द्वारा लिया गया ये प्रयास काफी सराहा जा रहा है | केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अनुसार राज्य की 13244 मेगावोट बिजली उत्पादन क्षमता में से 12409 मेगावोट कोयले पर निर्भर है और कोयला खनन द्वारा इसमें और भी बढ़ोतरी होगी। सरकार द्वारा संचालित छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड की कोयला परियोजना से उनके प्रदेश में सड़क और बिजली जैसी मुलभुत सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी जिसका लाभ हर किसी को मिलेगा। साथ ही मे रॉयल्टी जैसी आयके कारण सरकार और सरकारी कंपनी स्वास्थ्य और शिक्षा पर भी और जोर देगी |

कलेक्टर महोदय ने कहा कि वर्ष 2011 में जब जमीन शासन के द्वारा लीज पर दी गई उसके पूर्व जिन ग्रामीणों के कब्जे वन भूमि पर थे और जिन्होंने वन अधिकार पट्टा के लिए आवेदन किया था उसकी हम जांच कराएँगे और जांच उपरांत सही पाए जाने पर उन्हें आगे मुआवजे की कार्रवाई के लिए शासन को प्रेषित किया जाएगा | उन्होंने ये भी साथ किया की जिन लोगों ने आवेदन नहीं किया था उनके बारे में कोई कार्यवाही नहीं की जा सकती. बैठक की समाप्ति मे कलेक्टर महोदय ने मिलूपरा, सक्ता, पेलमा, सेमीझोर गावों के लोगों को आश्वस्त किया की जरुरत पड़ने पर विभिन्न विभागों की एक छानबीन समिति बनाकर कार्यवाही की जायेगी |

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