वर्चस्व की लड़ाई का अखाड़ा बना निगम कार्यालय,उमेश की टीम ने जनता के हितों को लेकर घेरा कांग्रेस को

by bharatheadline

रायगढ़। कमीशन के खेल में आपसी नूरा कुश्ती कर रहे सत्तापक्ष और अधिकारियों ने लोकहित को जिस तरह से नजर अंदाज किया है उस पर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में आज दोपहर पार्षदों और भाजपा नेताओं ने उस पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की जो गत दिनों नगर निगम के सभापति और आयुक्त के बीच हुआ। जुबानी तलवार भांज कर एक दूसरे के विरुद्ध अवमानना का युध्द छेड़े सत्तापक्ष ने नगर निगम को नरक निगम बना दिया है। विकास काम पूरी तरह ठप पड़े हुए है। न पार्षदो की कोई सुनवाई हो रही है और न आम जनता की। पूरे घटनाक्रम की तीखी निदा करते हुए भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि भाजपा नेता और पार्षद ऐसी परिस्थिति में मौन साध कर बैठे नही रह सकते। आपसी बंदरबांट में हिस्से- बंटवारे के विवाद को कांग्रेस ने जिस तरह से जनप्रतिनिधियों के सम्मान से जोड़ कर जनता की सहानुभूति बटोरने का बचकाना प्रयास किया वो हास्यास्पद है। कांग्रेस ऐसी हरकतों से बाज आये और अपने भ्रष्टाचारी नेताओ पर लगाम लगाए तो बेहतर होगा। यह कोई पहली बार नही है कि कांग्रेस के नेताओ का किसी अधिकारी से विवाद हुआ हो बल्कि इससे पहले भी स्वयं विधायक प्रकाश नायक सार्वजनिक रूप से कह चुके है कि उनकी नगर निगम के अधिकारी नही सुनते।

जिला भाजपा द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि तैश में आ कर “हमने चूड़ियां नही पहनी है” का बयान देने वाले सभापति ने जिस तरह से महिलाओ को कमजोर असहाय और लाचार सिद्ध करने की कोशिश की वह न केवल शर्मनाक है बल्कि सभापति और और कांग्रेस की महिला विरोधी मानसिकता को परिलक्षित करता है। अपनी इस शर्मनाक सोच और बयान के लिए सभापति जयंत ठेठवार को माफी मांगनी चाहिए।

भारतीय जनता पार्टी द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि आयुक्त और सत्तापक्ष आपसी ततकाल टेंडर और कमीशन के खेल को बन्द करें और आम जनता के हितों के लिए काम करें जिसके लिए वो नगर निगम में है अन्यथा भारतीय जनता पार्टी दोनों के विरुद्ध आंदोलन का शंखनाद करेगी।

भाजपा जिला उपाध्यक्ष कौशलेश मिश्रा ने कहा कि नगर निगम में कांग्रेस अपने विषय से भटकती दिख रही है ,सत्ता के नशे में चूर इन्हें सही गलत का भान नहीं है ऐसे विषय को लेकर इनके द्वारा आवाज उठाई जा रही है ,
जिसका सीधा संबंध जनता के हितों से है ही नहीं जबकि इन्हें जनता के हितों की रक्षा करने को सत्ता ,जनता ने दी है।

चंद्रप्रकाश (बब्बल) भाजपा जिला उपाध्यक्ष ने कहा कि यह बेहद खेद जनक है कि यह सारा विवाद जनहित के मुद्दे को ना लेकर बल्कि अपने हितों के लिए है ऐसी स्थिति में आम जनता को इसका नुकसान उठाना पड़ता है जो कि दुर्भाग्य जनक है।

भाजपा जिला मंत्री विलिस गुप्ता ने कहा कि नगर निगम का सही अर्थ आज के समय में नरक निगम हो गया है ठेका और कमीशन की लड़ाई में शहर की जनता पीस रही है और शहर का सारा विकास रुक सा गया है

पूनम सोलंकी नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि महिला का अपमान किया है सभापति जयंत ठेठवार ने ना ही कोई महिला कमजोर है ना चूड़ियां कमजोर है महापौर भी एक महिला है स्वयं मैं भी एक महिला हूं आज की नारी किसी क्षेत्र में कमजोर नहीं है।

सीनू राव उप नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि शहर सरकार का 1 वर्ष का विवादित कार्यकाल समाप्त हुआ कई मामलों में इसके पूर्व भी बिना टेंडर प्रक्रिया के कार्य प्रारंभ किया गया जैसे स्टेडियम के सामने ऑक्सीजोन, संबलपुरी के गोठान जैसे अनेक कार्य हुए ।उस तरह आपके चहेते ठेकेदार काम किए तब आप चुप थे ,आज अचानक भ्रष्टाचार अनियमितता दिखाई दे रही है शहर की जनता सब समझ रही है यह कोई झगड़ा नहीं ड्रामेबाजी है जनता को गुमराह करने के लिए।

अशोक यादव सचेतक ने कहा कि कांग्रेश के चहेते ठेकेदारों को उनको ठेका ना मिलने की वजह से यह सब ड्रामा किया जा रहा है निगम में कमीशन और भ्रष्टाचार का खेल अपनी चरम सीमा पर है हम सभी भाजपा के पार्षद मिलकर इस भ्रष्टाचार और कमीशन का पुरजोर विरोध करेंगे।

पंकज कंकरवाल प्रदेश उपाध्यक्ष पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने कहा कि शहर सरकार के पार्षदों द्वारा शहर विकास के मुद्दे को छोड़कर अधिकारियों के दुरुपयोग में लगी है शहर सरकार को शहर की आम जनता के विषयों की चिंता करनी चाहिए।

वरिष्ठ भाजपा नेता विवेक रंजन सिंहा ने कहा कि नगर विकास से कांग्रेस को कोई लेना देना नही है, ये विवाद इनके अपने गुटीय संघर्ष और अपने से जुड़े लोगों को व्यावसायिक लाभ दिलाने की प्रतिस्पर्धा का ही है, भाजपा इन्ही अधिकारियों से जनहित विकास के काम करवाती थी और कांग्रेसी अपने निजी व्यावसायिक हित साधने दबाव बना रहे हैं।

भाजपा नेता आलोक सिंह ने कहा कि निजी लाभ के लिए अधिकारियों का उपयोग दुरुपयोग कांग्रेस की संस्कृति रही है। सत्ता में बैठे काकश इसी वर्चस्व की लड़ाई में उलझे हुए हैं जिसका लोकहित से कोई सरोकार नहीं है। कांग्रेसी जनप्रतिनिधियों की निजी स्वार्थ की राजनीति को पहचान कर अधिकारी भी उछंखल हो रखे हैं निजी स्वार्थ की पूर्ति में लगे हुए हैं वर्तमान लड़ाई इसी स्वार्थपूर्ति में अधिकारिक लाभ कमाने की मंशा से उपजा विवाद मात्र है।

ज्ञानेश्वर सिंह गौतम अध्यक्ष रायगढ़ मंडल ने कहा कि कांग्रेस की नीति ही रही है, जनता की मूल भूत भावनाओं से ध्यान भटकाना ,अभी तक अधिकारियों के साथ घूमना ,जहां आर्थिक नुकसान में बाधा आई अधिकारियों के ऊपर एक साथ धावा बोलते है,शहर सरकार आज तीन साल पूरे होनें जा रहे है ,एक भी घोषणाओं में अमल नहीं हुआ है।

शशिकांत शर्मा मंडल अध्यक्ष रायगढ़ दक्षिण ने कहा कि कांग्रेस सरकार की कार्यपद्धति प्रशासन एवं पुलिस विभाग में राजनीतिक हस्तक्षेप करना ही है आज रायगढ़ में कौन गिरफ्तार होगा कौन फरार होगा और किसका घर टूटेगा और नीलाम होगा, किसका घर बनेगा यह कांग्रेस के दफ्तर से तय होता है वर्तमान लड़ाई कांग्रेस की वर्चस्व की लड़ाई है।

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