लीकेज पर नहीं दिया ध्यान, भिलाई इस्पात संयंत्र के पंप हाउस में भरा 15 फीट पानी

by bharatheadline

रायपुर। भिलाई स्पात संयंत्र के पंप हाउस-1 में सोमवार की रात तीन बजे पानी भर गया। घटना की जानकारी के बावजूद संयंत्र के अफसर घर में सोते रहे और कर्मचारी पानी निकालने के लिए जूझते रहे। इस पंप हाउस से संयंत्र के पावर प्लांट-1 को पानी भेजा जाता है। यहां पर लगे मोटर की कीमत करोड़ों में बताई गई है, जिनमें पानी भर गया। जबकि प्लांट को चलाने के लिए प्रबंधन द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था कर किसी तरह पानी पहुंचाया गया। वहीं किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। पंप हाउस-1 के पाइप लाइन में लंबे से लीकेज हो रहा था। लेकिन, समय पर उसे न सुधारे जाने के चलते मंगलवार की भोर तीन बजे पाइप लाइन फट गया। इससे पूरे पंप हाउस में पानी भर गया। पंप हाउस 20 से 30 फीट गहरा है, जिसमें 15 फीट तक पानी भरने से किसी को कुछ समझ में नहीं आ रहा था। कहां पर पाइप लाइन फटी है और पानी का बहाव हो रहा है।
रात तीन बजे से लेकर सुबह आठ बजे तक लगातार तेज बहाव के साथ पानी बहता रहा। सुबह पानी को रोकने का जतन किया गया। हालांकि फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां एक दर्जन कर्मचारियों के साथ पंप हाउस नंबर एक में रात को ही पहुंच गई थी। लेकिन, उनके साथ फायर ब्रिगेड का कोई भी बड़ा अफसर नहीं गया था। छह हाई पावर पंप लेकर पहुंचे फायर ब्रिगेड के कर्मी समझ नहीं पा रहे थे कि किस प्रकार से बहते पानी को रोका जाए और जो पंप हाउस में भरे पानी को निकाला जाए। एक तरफ लगातार पंप हाउस में पानी भर रहा था और दूसरी तरफ छह पंप से पानी को बाहर खींचा जा रहा था। इस तरह से सुबह तक फायर बिग्रेड के कर्मी पानी को निकालने में ही लगे रहे। इधर बीएसपी द्वारा सुबह पावर प्लांट में लगातार पानी की आपूर्ति बनाए रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई। वहीं पंप हाउस में पानी भरने से वहां लगे एक दर्जन से ज्यादा मोटर बंद हो गए हैं। जिनकी कीमत करोड़ों में है।

पंप हाउस-2 में हो चुकी है ऐसी घटना
आपको बता दें भिलाई इस्पात संयंत्र के पंप हाउस-2 में 12 जून सन 2014 को ऐसी ही पानी भरने की घटना हो चुकी है। इस घटना में वहां काम कर रहे छह लोगों की मौत हो गई थी। जिसमें दो उप महाप्रबंधक स्तर के अफसर थे। उस समय पंप हाउस-2 में पाइप लाइन फटने के साथ ही गैस का रिसाव भी हो गया था। हालांकि इस बार की घटना में वैसी स्थिति नहीं बनी। इस वजह से ही किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

सारे पंप बंद हो गए
भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारियों ने बताया कि पंप हाउस नंबर दो 2000 वर्ग फीट चौकोर आकार का बड़ा कुआं है। जिसमें करोड़ों रुपये के मोटर लगे हुए हैं। यहां पर मरोदा डैम से पानी भरा जाता है। इस पानी को यहां लगे बड़े-बड़े मोटर पूरे दबाव के साथ पावर प्लांट-1 को भेजते हैं। जहां पर बायलर को पानी से चलाया जाता है। पंप हाउस में पानी भरने कारण सारे पंप बंद हो गए।

मेंटेनेंस का अभाव
भिलाई इस्पात संयंत्र के पंप हाउस नंबर एक में लगे पंप और पाइप लाइन का काफी लंबे समय से मेंटेनेंस नहीं किया गया है। इसकी वजह से पाइप लाइन सड़ गए हैं और कई जगह से लीक होने लगे हैं। प्रबंधन इनकी सुधार की ओर ध्यान न देकर सिर्फ काम ले रहा है। इस कारण से आए दिन छोटी-छोटी घटनाएं होती रहती थी। लेकिन, प्रबंधन ने उसे भी नजरअंदाज किया। जिसका नतीजा ये घटना है।
‘भिलाई इस्पात संयंत्र के पंप हाउस-1 पावर प्लांट को पानी की आपूर्ति करता है। आठ मार्च की रात को एक पाइप लाइन से लगभग चार बजे पानी के रिसाव होने पर ऐहतियातन पंप हाउस-1 के सभी पंप बंद कर दिए गए। अतिरिक्त पंप के माध्यम से पावर प्लांट-1 में पानी की आपूर्ति जारी रखी गई। पंप हाउस-1 में रखरखाव का काम प्राथमिकता पर लिया गया है।

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