शहर सरकार का प्रतिनिधि मंडल मिला जिलाधीश से
मनमानी कार्यो के खिलाफ कार्रवाई की उठाई मांग

by bharatheadline


रायगढ़। नगर निगम क्षेत्र में चल रहे निर्माण एवं विकास कार्यो के लिए बिना टेण्डर बुलाए आयुक्त के द्वारा वर्क आर्डर जारी करने को लेकर निगम के जनप्रतिनिधि और निगम आयुक्त के बीच की खाई लगातार बढ़ते जा रही है। पिछले दिनों निगम आयुक्त के कक्ष में इसी मामले के जिक्र के दौरान हुए बवाल और कथित अभद्र व्यवहार के बाद शहर सरकार में शामिल कांगे्रस का प्रतिनिधि मंडल निगम आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड गया है। इसी मामले को लेकर कांगे्रसियों की ओर से आज जिलाधीश को ज्ञापन देकर निगम आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई गई है।
कांगे्रसियों के द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि जब से नगर निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय का रायगढ़ में पदस्थ हुए हैं तब से नगर निगम में नियम विपरीत कार्यो की बाढ़ सी आ गई है। जन प्रतिनिधियों का अपमान सामान तौर पर निरंतर किया जा रहा है। निगम के निविदाओं एवं अन्य कार्यो में जिला कलेक्टर, स्वच्छता और कभी-कभी मुख्यमंत्री के नाम का सहारा लेकर कार्य संपादित किए जा रहे हैं। जन-प्रतिनिधि भी उक्त नामों का सम्मान कर चुप रहते हैं जिसे आयुक्त का मनोबल इतना बढ़ गया है कि अब तो निगम के कार्यो में एमआईसी की स्वीकृति को भी आवश्यक नही समझ रहे हैं। इसका उदाहरण छठ घाट में एक माह के भीतर आक्सीजोन जानकी की वानिकी बनाकर ठेकेदार को पूर्ण राशि का भुगतान कर पूरी तरह से जानकी वानिकी आक्सीजोन को ध्वस्त कर दिया गया है। उक्त ऑक्सीजोन पूर्व में चक्रधर नगर बोईरदादर में कार्य स्वीकृत कर ठेकेदार को कार्य आदेश दिया गया था। जिसकी लागत 19.97 लाख रूपये थी। जिसे स्थल परिवर्तन एवं प्राक्कलन को भी परिवर्तित कर जिस स्थल में पूर्व में स्वीकृत एसटीपी पाईप लाईन बिछाया जाना था उसी स्थल पर एमआईसी के समक्ष स्वीकृति बिना स्थल परिवर्तन कर कार्य कराया गया। जबकि उक्त कार्य प्राक्कलन बदलाव होनें की स्थिति में नवीन टेंडर के नियम के विपरीत पुराने ठेकेदार से ही कार्य करवाकर तत्काल एकमुश्त भुगतान कर दिया गया, जो कि एक माह में एसटीपी पाईप लाईन बिछाने हेतु ऑक्सीजोन को ध्वस्त करना पड़ा। इस कार्यो में मुख्य रूप से समझने वाली बात यह है कि भ्रष्टाचार सुनियोजित तरीके से रचा गया है। क्योंकि एसटीपी पाई लाईन का कार्य भी निगम के द्वारा किया जा रहा है तथा ऑक्सीजोन का कार्य भी निगम के द्वारा कराया जा रहा है। आयुक्त के सोच अनुसार ऑक्सीजोन की शिकायत होनें पर भी एसटीपी पाईप लाईन बिछाये जाने का बहाना बनाया जा सकता है, और जांच भी संभव नही हो सकता।
इसी प्रकार निगम में आयुक्त के द्वारा नियम विपरीत बिना निविदा के निगम कार्यालय के सामने स्टेशन चौक से आरओबी तक रोड़ डिवाईडर कार्य शहर के चारो तरफ कलाकृति पेंटिंग एक वर्ष में दूसरी बार निगम कार्यालय का पुताई व पेटिंग कार्य, सामुदायिक शौचालय का रिपेयरिंग व पुतई कार्य जो कि बिना निविदा का कार्य कर भ्रष्टाचार को अंजाम दिया जा रहा है। जिसे हम एमआईसी सदस्य, सभापति व पार्षदों व शहर के सवालों निरूत्तर हो रहे हैं और नगर निगम प्रशासन आज आयुक्त के उक्त समस्त कार्यो से बदनाम हो रहे हैं। इन्हीं सब कार्यो पर एवं आयुक्त के कार्यशैली में सुधार हेतु सभापति, एमआईसी सदस्य, एल्डरमेन व समस्त पार्षद र्चा हेतु 05 मार्च को आयुक्त के कक्ष में गए थे। सामान्य चर्चाओं के बीच विपरीत कार्यो, एमआईसी के अधिकारों के हनन की बात हमारे द्वारा जब कही गई तो आयुक्त कहने लगे कि ये सारे कार्य कलेक्टर के निर्देशानुसार कराया जा रहा है। सभी के द्वारा यह कहा गया कि इसके बावजूद नियमत: निविदा बुलाई जानी चाहिए थी जिस पर आयुक्त अपना आपा खो बैठे और शहर सरकार के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए सभी को अपमानित किया गया, जिससे निगम के जनप्रतिनिधि क्षुब्ध है। ज्ञापन के माध्यम से जिलाधीश को इस पूरे मामले में संज्ञान लेते हुए निगम आयुक्त के खिलाफ अनुशासनत्मक एवं दण्डात्मक कार्रवाई की मांग की गई है।

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