गोल्डन कम्पनी बनी परेशानी का सबब

by bharatheadline

रायगढ़।छत्तीसगढ़ की रायगढ़ जिले की तमनार ब्लाक की सराईपाली गांव में विकास के नाम पर कई कंपनियां खोली गई पर जैसे-जैसे कंपनियां स्थापित होती गई और एक 2 साल के अंदर ही यह कंपनियां अपना रूप दिखाना चालू की ग्राम सरायपाली के आसपास कई छोटे-बड़े कंपनियां खुली जिसमें गोल्डन ट्री फैक्ट्री एक कंपनी है इस कंपनी में काम करने वाले मजदूरों की लगातार तबीयत खराब होती गई और लोग काम करना छोड़ दे गए और इनको टीवी बीमारी के लक्षण दिखने लगे डॉक्टरों से इलाज करवाने पर टीवी बताया गया और इसके लिए डॉट्स की दवा भी दी गई परंतु स्वास्थ्य ठीक नहीं हुआ वरन कईयों की मौत होती गई सरायपाली में दर्जनों की संख्या में आदिवासी महिलाएं इस बीमारी से ग्रसित होकर मौत को गले लगा चुके हैं 2014 मैं जब हम लोगों ने इस विषय की जानकारी लेना चालू किया तब स्वास्थ्य विभाग हर काम में आई और इसके लिए जांच पर लग गई परंतु किसी प्रकार का कोई फायदा नहीं हुआ 2015 में जन चेतना मंच एवं एमएमपी माइंस मिनरल्स एंड पीपल की सहायता से सिलिकोसिस के विशेषज्ञ डॉक्टर मुरलीधरण ने ग्राम पंचायत सराईपाली मैं एक कैंप आयोजित कर 56 लोगों की जांच की और 22 लोगों का ही डिजिटल एक्सरे करवाया जा सका इन 22 लोगों में डॉक्टर मुरलीधरन के द्वारा 9 लोगों को सिलिकोसिस पॉजिटिव बताया गया इन 9 लोगों को सिलिकोसिस होने के बाद इसे जिला प्रशासन स्वास्थ्य विभाग को मनवाने के लिए जिला कलेक्टर को कई बार आयोजन दिए गए श्रम एवं कल्याण मंडल रायगढ़ मैं कई बार हम लोगों द्वारा कई बार आवेदन दिया गया जिससे श्रम एवं कल्याण मंडल रायगढ़ हलचल में आई और इन लोगों का चेकअप कराया इन लोगों के चेकअप जांच के बाद चार लोगों को सिलिकोसिस पॉजिटिव पाया गया इन 9 लोगों में से चार लोगों को सिलिकोसिस पॉजिटिव पाया गया एवं उसी दौरान एक महिला की इसी बीमारी से मौत भी हो गई इन चारों लोगों को सरकार द्वारा 300000 ₹300000 का मुआवजा दिया गया साथ ही इस हलचल में छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में स्थित रेमिंग मास की कंपनियों पर भी सरकार द्वारा जांच की गई और छत्तीसगढ़ में चांपा एक मरीज रायपुर में 12 मरीज को 300000₹300000 का मुआवजा सरकार द्वारा दिया जा चुका है वर्तमान में गोल्डन रिफैक्ट्री में काम करने वाले कई मजदूरों की स्थिति बिगड़ी हुई है और उनका सुध लेने वाला कोई नहीं था इसी वजह से जॉब छत्तीसगढ़ में नई सरकार आएगी और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का रायगढ़ आगमन 2 जनवरी 2021 को हुआ जिसमें जन चेतना मंच के राजेश त्रिपाठी सविता रावत एवं राजेश गुप्ता द्वारा इस मुद्दे पर बात रखा गया जिसके बाद पुनः सराईपाली के सात मजदूरों को सिलिकोसिस जांच के लिए बुलाया गया जिसमें से 2 को सिलिकोसिस संभावित जिला मेडिकल कॉलेज द्वारा पाया गया जिसमें से एक शांति बाई साहू की मौत 2 फरवरी को हो गई है और जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार रायगढ़ में क्वार्ट्ज की कृष्ण करने वाली कंपनियों की जांच पड़ताल तथा उन कंपनियों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कैंप लगाकर काम करने वाले मजदूरों की जांच की जा रही है पिछले दो दिनों में सरायपाली में स्थित दो कंपनी मां अंबे और साईं गणेश कंपनी में स्वास्थ्य विभाग द्वारा सिलिकोसिस जांच के लिए कैंप लगाया गया था जिसमें मजदूरों की जांच की गई यह जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की एक अच्छी पहल है परंतु इसमें एक चीज समझ से परे है कि पूरी एक कंपनी को चलाने के लिए मात्र छह ही मजदूर या 12 मजदूर काम कर रहे हैं इससे संदेह उत्पन्न होता है कि कंपनियां गलत आंकड़े दे रही हैं और या तो सरकार को धोखा दे रही है या कंपनी में काम करने वाले मजदूरों को धोखा दे रही हैं राजेश गुप्ता ने ये आरोप लगाते हुए कहा है कि इस मामले में प्रसासनिक लापरवाही लगातार देखने को मिल रही है।उनका ये भी कहना है कि ऐसे मामले लगातार बढ़ रहे हैं लेकिन इन उद्योगों पर कार्यवाही नहीं होने से वहाँ के लोग खामियाजा भुगत रहे हैं।।

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