ऐसे में कैसे बनेगा हमारा सुघ्घर रईगढ़!, व्हीआईपी मार्ग का ही हुआ सौंदर्यीकरण , कई चौक-चौराहे व मुख्य मार्ग झेल रहे उपेक्षा का दंश

by bharatheadline

रायगढ़ । जिला प्रशासन एवं नगर निगम के द्वारा सुघ्घर रईगढ़ की परिकल्पना लिए शहर के कुछ जगहों में ही सौंदर्यीकरण किया गया है। जिसकी खूबसूरती देखते ही बन रही है। शहरवासी परिवार समेत इन जगहों में पहुंचकर यहां फोटो खिचवाने से खुद को रोक नही पा रहे। वहीं दूसरी ओर शहर का अधिकांश हिस्सा अपने सौंदर्यीकरण की बाट जोह रहा है। कहीं क्षतिग्रस्त चौक, कहीं जर्जर सड़के, मरीन ड्राईव के गड्ढे सुघ्घर रईगढ़ को मुंह चिढाते नजर आ रहे है। इसके अलावा गली मोहल्लों में कचरा का नियमित उठाव भी नही हो पा रहा है। ऊपर से धुल उड़ाती और उद्योगों के डस्ट और धूंआ उड़ाते वाहनों का प्रदूषण जैसे इस स्लोगन के खिलाफ करेले पर नीम चढ़े का काम कर रहा है।
महासफाई अभियान के दूसरे चरण के दौरान स्वच्छता रैकिंग में रायगढ़ को नंबर वन का दर्जा दिलाने जिला प्रशासन एवं नगर निगम की टीम के द्वारा शहर में सौदर्यीकरण के तहत सिर्फ व्हीआईपी मार्ग को ही चकाचौंध किया गया है। जहां शहरवासी इन दिनो शाम के वक्त परिवार के साथ यहां पहुंच फोटो खिचवाते हुए नजर आते है। जबकि शहर के बाकी हिस्सो में सौंदर्यीकरण दूर की बात है वहां जीर्णोद्धार करना विभागीय अधिकारियों ने जरूरी नही समझा।
शहर के ढिमरापुर क्षेत्र के लोगों का कहना था कि जिला प्रशासन एवं नगर निगम के प्रयास से शहर के ओवर ब्रिज, चक्रपथ, कलेक्टोरेट मार्ग के अलावा कमला नेहरू पार्क के सामने ही सौंदर्यीकरण किया गया है, स्थानीय लोगों ने यह आरोप लगाया कि आने वाले दिनों में बाहर से आने वाली स्वच्छता टीम को इन जगहों का भ्रमण कराकर स्वच्छता रैकिंग में नंबर 1 बनने की जुगत में निगम नजर आ रहा है। जबकि शहर के बाकी चौक-चौराहों के साथ प्रशासनिक अधिकारियों व निगम प्रशासन के द्वारा पक्षपात किया जा रहा है।
किरोड़ीमल चौक शायद सुघ्घर रईगढ़ में नही आता- क्षेत्रवासी
किरोड़ीमल चौक क्षेत्र के रहवासी व दुकानदार वहां की जर्जर सड़क व सड़को में उडऩे वाली धूल की समस्या के निदाने कराने कई बार आंदोलन एवं शिकायत कर चुके हैं मगर उनकी समस्या को सुनने वाला कोई भी नही। इन क्षेत्र के लोगों का यह भी कहना था कि शायद किरोड़ीमल चौक क्षेत्र सुघ्घर रईगढ़ में नही आता तभी इस चौक का सौंदर्यीकरण दूर की बात है, यहां की खस्ताहाल सड़कों का मरम्मत तक नही किया जा रहा है।
जर्जर मरीन ड्राईव
शहर में बढ़ते यातायात के दबाव को कम करने के उद्देश्य से केलो नदी के किनारे सीएसआर मद की राशि से लाखों – करोड़ो की राशि खर्च करके मरीन ड्राईव का निर्माण किया गया था। मगर पहले बना मरीन ड्राईव बरसात के दिनों में तालाब में तब्दील हो जाता है, वहीं पिछले कुछ महीनो से इस मरीन ड्राईव की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि यहां पैदल चलना भी मुश्किल है, जगह-जगह गड्डे ही गड्डे नजर आते हैं। रात के समय इस मार्ग से गुजरना किसी अनहोनी को निमंत्रण देने जैसा है।
एसपी आफिस के सामने टूटा चौराहा
रायगढ़ शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने सुघ्घर रईगढ़ के तहत शहर में सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। परंतु अधिकारियों लापरवाही कहें या अनदेखी जो एसपी आफिस के सामने का चौराहा जो बीते फरवरी माह में किसी अज्ञात वाहन चालक के द्वारा तेज एवं लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए चौराहे को तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। इस मार्ग में आए दिन अधिकारियों का आना-जाना लगा रहता है फिर भी किसी भी अधिकारी ने इस चौराहे को संवारने अभी तक कोई कदम नही उठाया है। ऐसे में कैसे कहें सुघ्घर रईगढ़।
वार्डो में कचरों का नही होता नियमित उठाव
महासफाई अभियान के तहत निगम की टीम वार्ड-वार्ड घुमकर शहर के वार्डो को साफ-सुथरा बनाए रखने का प्रयास जरूर की परंतु उनकी मेहनत रंग लाते दिख नही रही है। शहर के कुछ वार्डो को छोड़कर शहर के गली मोहल्लों में आज भी कचरे का नियमित उठाव नही हो पा रहा है। ऐसे में स्वच्छ रायगढ़ सुंदर रायगढ़ का सपना अधूरा है।

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