सामाजिक क्षेत्र में सांझा चुल्हा की टीम का बेहतर काम, जरूरतमंदों तक एक फोन पर पहंुचती है सहायता

by bharatheadline

रायगढ़। दानवीर स्व. सेठ किरोड़ीमल की नगरी रायगढ़ में वैसे तो दान दाताओं की कोई कमी नही है। आपदा के हर क्षेत्र में यहां अलग-अलग समाजसेवी संस्थाएं पूरे तन-मन धन से जरूरतमंदो के सहयोग के लिए सड़क पर उतरती है और इनमें से एक नया नाम जुड़ा है, श्री अग्रसेन सांझा चुल्हा। जैसा नाम वैसा काम को चरितार्थ करते हुए सांझा चुल्हा की टीम आज घर-घर पहुंचकर हर उस जरूरतमंद परिवार के पास पहुंच रही है जिनके घर में उनका चुल्हा अनाज के चलते नही जल पा रहा था। इतना ही नही एक फोन पर इस टीम के सदस्य सहायता पहुंचाते हैं और अनाज के साथ-साथ दवाओं की भी व्यवस्था करके बीमार व्यक्ति को स्वास्थ्य लाभ देने के लिए भी तत्परत रहते हैं।
सितंबर 2019 में गठित श्री अग्रसेन सांझा चुल्हा के कुल 31 सदस्य हैं और हर सदस्य दिन हो या रात गरीब से लेकर हर वर्ग के परिवार को सहयोग करने के लिए तैयार रहता है। सांझा चुल्हा टीम के अध्यक्ष सुशील रामदास बताते हैं कि उनके सचिव रवि अग्रवाल, कोषाध्यक्ष बजरंग अग्रवाल साथी सदस्य अनूप बंसल, विजय अग्रवाल, अजय जैन, मनोज होंडा, सुनील लेन्ध्रा, कमल सरिया, राकेश एआर गु्रप, ध्रुव अग्रवाल, नानक बंसल, राजकुमार गोडम, अनिल अग्रवाल श्याम पेट्रोल पंप, विनोद बट्टीमार, आकाश जिंदल, बंटी डालमिया, आशीष महमिया, दिलीप अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल, शक्ति अग्रवाल, सुनील अग्रवाल, सुनील जिंदल, संदीप अग्रवाल नवदुर्गा, सुनील अग्रवाल बीए पावर, जीएस नरेडी, मयंक केडिया सभी मिलकर केवल सामाजिक सहयोग के लिए तन-मन धन से हर उस गरीब तबके के परिवार को सहयोग देना चाहते हैं जिनके पास दो वक्त के खाने के लिए राशन नही हो या फिर उनके बच्चों को स्कूल में पढ़ाने के लिए फीस न हो। इतना ही नही जो परिवार हमारे सहयोग से खुद आत्म निर्भर होकर एक निश्चित समय के बाद सहयोग लेना बंद करके हमारे साथ जुड़ता है उसके लिए भी सांझा चुल्हा के द्वार हमेशा खुले रहते हैं।


कई बच्चे बन चुके हैं आत्मनिर्भर
श्री अग्रसेन सांझा चुल्हा टीम के सहयोग से परिवार के कुछ ऐसे बच्चे पढ़ाई में आगे निकल गए हैं जिनके उज्जवल भविष्य को उजडने से टीम ने सहयोग देकर बचाया था। आज इनके परिवार भी आत्मनिर्भर हो गए हैं और अभी तक 11 परिवार जो सांझा चुल्हा की मदद लेता था वो मदद लेना बंद करके मदद करने के लिए आगे आने की कोशिश में लगे हैं। मात्र कुछ महीनों के सहयोग के बाद जब कोई परिवार उनकी मदद लेना बंद करके खुद को संपन्न बना लेता है तो उन्हें देखकर सदस्यों की खुशी इस कदर बढ़ जाती है वे दोगुने उत्साह से सामाजिक क्षेत्र में कार्यो को करने के लिए जुट जाते हैं।


हमारा मकसद जरूरतमंदों की सहायता करना
अध्यक्ष सुशील रामदास बताते हैं कि मात्र साल भर के भीतर श्री अग्रसेन सांझा चुल्हा के जरिए 84 परिवारों को उनके घर में अनाज पहुंचाने के अलावा 220 परिवार को बीमार के समय मेडिकल की सुविधा के अलावा जिस परिवार में मेघावी बच्चे गरीबी के चलते आगे की पढ़ाई नही कर पाते उनके लिए भी उनकी टीम के किसी भी सदस्य के पास फोन आने पर फीस से लेकर किताबों तक की व्यवस्था की जाती है। कन्यादान हो या शादी के समय कोई बड़ी परेशानी उनके लिए भी सांझा चुल्हा की टीम ने आगे बढ़कर उस परिवार का सहयोग किया है। प्रचार-प्रसार से दूरी बनाते हुए श्री अग्रसेन सांझा चूल्हा का नाम सामाज में जुड़े अन्य लोग भी जाने इसके लिए उनकी यह अपील है कि केवल श्री अग्रसेन के वंशज ही नही बाकी समाज के लोगों को भी अपने-अपने स्तर पर एक सांझा चूल्हा की टीम बनानी चाहिए ताकि कुछ छुटे हुए वर्ग के गरीब परिवारों को भुखा नही सोना पड़े।


जान हथेली पर रखकर सदस्य पहुंचाते हैं सहायता
लॉकडाउन का तीसरा दौर रायगढ़ जिले में चल रहा है और लगातार कोविड संक्रमित मरीजों की संख्या बेतहाशा बढ़ रही है ऐसी विकट परिस्थिति में भी सांझा चुल्हा के सदस्य अपनी जान हथेली पर रखकर जरूरतमंदों तक पहुंच रहे हैं चूंकि लॉकडाउन के चलते दिहाड़ी मजदूर, गरीब तबके के लोगों के घरा में चुल्हा नही जल रहा है और सदस्यों के पास जानकारी पहुंचते ही उनकी टीम के दो सदस्य उस घर तक पहुंचते हैं जहां अनाज व दवाई की जरूरत होती है। जबकि इस आपदा के इस दौर में हर कोई घरों में कैद है और ऐसे में सांझा चुल्हा की टीम दिन व रात जागते हुए सेवा का कोई अवसर छोड़ना नही चाहती। उनका मकसद है कि कोविड़ कोरोना के इस भयंकर दौर में उनकी छोटी सी सहायता किसी की जिंदगी बचा दे उससे बेहतर काम कोई हो नही सकता।

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