एयरपोर्ट पर बड़ी लापरवाही! कोरोना जांच से बचने के लिए भागे 300 यात्री, एफआईआर दर्ज

by bharatheadline

देशभर में बढ़ते कोरोना के मामलों के बाद असम ने बाहर से आने वालों के लिए कोरोना टेस्ट को अनिवार्य बनाया है। हालांकि, राज्य के सिलचर एयरपोर्ट का हैरान करने देने वाला मामला सामने आया है। यहां करीब 300 हवाई यात्री अनिवार्य कोविड टेस्ट कराए बगैर ही एयरपोर्ट से भाग गए। अब प्रशासन ने इनपर कार्रवाई करने का फैसला किया है।
सिलचर एयरपोर्ट छोटा है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने इस एयरपोर्ट पर आने वालों के कोरोना टेस्ट का इंतजाम पास के सरकारी अस्पताल में किया हुआ है। यात्रियों को एयरपोर्ट से अस्पताल ले जाने के लिए बसें भी चल रही हैं लेकिन इसके बावजूद 300 यात्री टेस्टिंग सेंटर पहुंचने से पहले ही बस से उतर गए।
अब जिला प्रशासन ने इन सभी लोगों के खिलाफ कोविड प्रोटोकॉल तोड़ने को लेकर एफआईआर दर्ज करने का फैसला लिया है। इन सबके खिलाफ आईपीसी की धारा 180 और आपदा प्रबंधन कानून के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।
चाचर जिले के एडिशनल डिप्टी कमिश्नर सुमित सतावन ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा, ‘हवाई यात्रियों का पता लगाना आसान है क्योंकि उन्होंने टिकट करवाते समय अपनी पूरी जानकारी पहले ही दी हुई है। हमने एयरपोर्ट अथॉरिटी से उनके डिटेल्स ले लिए हैं और हर एक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया कल से शुरू हो जाएगा। यह कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन है और आपदा प्रबंधन कानून के अंतर्गत उन्हें सजा दी जाएगी। हम सख्त कार्रवाई कर रहे हैं ताकि भविष्य में कोई हवाई यात्री ऐसा करने की कोशिश न करे।’
उन्होंने यह भी बताया कि हर दिन करीब 700 हवाई यात्री सिलचर एयरपोर्ट पहुंच रहे हैं। एसओपी के तहत सिर्फ उन्हीं यात्रियों का कोरोना टेस्ट होगा, जो पूर्वोत्तर से बाहर के राज्यों से आए हैं। बुधवार को 690 यात्रियों की जांच होनी थी। भागे हुए 300 यात्रियों के अलावा बाकी जिनका टेस्ट हुआ उनमें से 6 कोरोना संक्रमित पाए गए हैं।
बता दें कि असम में चुनाव के बाद से कोरोना संक्रमितों और इससे मरने वालों की संख्या बढ़ रही है। बीते पांच दिनों में बारक वैली के ही 7 लोगों की कोरोना के कारण जान गई है।

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