दोस्त, रिश्तेदार और अस्पताल से कॉल पर मदद के लिए गिड़गिड़ाती रही बेटी, पिता की टूट गईं सांसें

by bharatheadline

अपने पापा का इलाज कराने के लिए प्रियंका परेशान हो गई। ऑक्सीजन लेवल कम होता जा रहा था। अपने दोस्तों-रिश्तेदारों को कॉल करके अस्पताल वालों से संपर्क करने की कोशिश में जुटी थी, मदद के लिए हर किसी से गुहार लगा रही थी लेकिन जब तक कुछ इंतजाम होता तब तक बहुत देर हो चुकी थी। तत्काल भर्ती न कर पाने की स्थिति में प्रियंका के पिता की सांसें टूट गईं।
प्रयागराज के कृष्णा नगर, कीडगंज निवासी व्यापारी दीपक कुमार कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। दवा से उनको आराम भी था। बुधवार शाम अचानक दीपक कुमार की स्थिति बिगड़ने लगी। सांस लेने में थोड़ी तकलीफ होने लगी। दीपक की बेटी प्रियंका गुजरात में है। उसको जानकारी मिली तो उसने अपने साथ पढ़ने वाले दोस्तों व रिश्तेदारों को कॉल करके कोविड-19 अस्पताल के बारे में जानकारी ली। सिविल लाइंस से लेकर टैगोर टाउन तक अस्पताल के बारे में पता लगाया। एक दूसरे को कॉल करके मदद मांगती रही। इस बीच किसी ने टैगोर टाउन में स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराने का इंतजाम किया।
प्रियंका का भाई अपने पिता दीपक को लेकर अस्पताल पहुंच गया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टर ने चेक करके सॉरी बोल दिया। दीपक की मौत से उनके परिवार में कोहराम मच गया। पल भर में ही सब कुछ खत्म हो चुका था। कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रियंका अपने पिता की अंतिम यात्रा में शामिल नहीं हो सकी। गुरुवार को अंतिम संस्कार किया गया।

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