कोरोना संक्रमित के शव का चेहरा जानवरों ने खाया ! जांच शुरू

by bharatheadline

प्रयागराज जिले के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना वार्ड की हालत सही नहीं है। इस बारे में मरीज और उनके परिजनों की ढेरों शिकायतें सामने आ चुकी हैं। कोविड-एल-थ्री एसआरएन अस्पताल में पिछले दिनों हुई कोरोना संक्रमित डॉ. जगदीश मिश्र की मौत के बाद ऑक्सीजन की कमी और इलाज में लापरवाही के आरोप लगे। इसके बाद कोरोना संक्रमित एजी दफ्तर के रिटायर कर्मचारी के पिता के शव का बिना सूचना दिए अंतिम संस्कार कर चार दिन बाद डेथ सर्टिफिकेट थमाने का चौकाने वाला मामला सामने आया। अब सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक फोटो ने इस अस्पताल की व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।
यह फोटो कोरोना संक्रमित एक ऐसे शव की है, जिसका चेहरा क्षत-विक्षत है। फोटो वायरल करने वालों का दावा है कि चेहरे और शरीर के कुछ अंग को जानवरों ने खा लिया है। यह भी दावा किया जा रहा है कि फोटो एसआरएन अस्पताल स्थित मोर्चरी की है। कोरोना संक्रमित की मौत के बाद कोविड प्रोटोकाल के तहत शव को सील पैक करने के लिए मोर्चरी भेजा गया था। इस फोटो कि सच्चाई क्या है, यह तो जांच के बाद पता चलेगा पर यह जरूर है कि फोटो में शव की दशा देखकर कोई भी हिल जाएगा।
अफसरों का कहना है कि हर पॉजिटिव आने वाले मरीज की मौत होने पर शव पहले मोर्चरी जाता है, जहां पर इसे पैक किया जाता है। पैकिंग के पहले की यह फोटो वायरल हुई है। शव के ऊपर मरीज का नाम शांति देवी लिखा है। जो पर्ची है उस पर कोविड पॉजिटिव लिखा है। मुंह व शरीर के दूसरे भाग को जानवरों ने पूरी तरह से खा लिया है। इस बारे में कोविड प्रोटोकाल के तहत शवों का अंतिम संस्कार कराने के लिए प्रभारी नियुक्त किए गए एडीएम नजूल गंगा राम गुप्ता ने बताया कि शांति देवी नाम की महिला की मौत हुई है। लेकिन शव की स्थिति के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। वहीं एसआरएन अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अजय सक्सेना से बात की गई तो उन्होंने भी जानकारी न होने की बात कही है।

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