जवानों की हत्या में शामिल 4 नक्सलियों को जवानों ने दबोचा, अलग-अलग घटनाओं में दो जवानों की हुई थी शहादत

by bharatheadline

बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों की कार्रवाई लगातार जारी है। शनिवार और रविवार को जवानों ने नारायणपुर जिले से 4 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है। DRG जवानों ने 24 अप्रैल को जिले के कोहकामेटा थाना के मुरहापदर से 3 नक्सलियों को दबोचा है। ये नक्सली 5 मार्च 2021 को हुए कोहकामेटा में विस्फोट में शामिल थे। इस विस्फोट में ITBP के जवान की शहादत हुई थी। वहीं रविवार को भी जिला पुलिस बल और ITBP की टीम को सोनपुर थाना इलाके में एक नक्सली को पकड़ने में सफलता हाथ लगी है। सोनपुर से गिरफ्तार हुआ नक्सली 24 फरवरी को IED ब्लास्ट में शामिल था। इस ब्लास्ट में भी ITBP का जवान शहीद हो गया था।

सर्चिंग पर निकले जवानों को मिली सफलता
DRG की टीम नक्सल विरोधी अभियान के तहत 24 अप्रैल को सर्चिंग पर निकली थी। जहां मुरहापदर में उन्हें नक्सलियों के होने की सूचना मिली, जिसके बाद घेराबंदी कर इन तीन नक्सलियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए नक्सलियों का का नाम कोसाराम ध्रुव ,सोमड़ुराम और बुधुराम उसेंडी है। इधर, रविवार सुबह ही जिला बल और ITBP की एक संयुक्त पार्टी सोनपुर में मोबाइल चेक पोस्ट लगाकर जांच कर रही थी। इसी दौरान राजू कुमेटी को गिरफ्तार करने में जवानों को सफलता हाथ लगी है। राजू कुमेटी के पास से बिजली वायर का एक बंडल और 10 नग बैटरी सेल बरामद किया है। गिरफ्तार किए गए राजू ने 24 फरवरी को सोनपुर इलाके में IED लगाकर विस्फोट करने की बात कबूली है। इस विस्फोट में एक ITBP के जवान की जान चली गई थी।

ग्रामीण के अपहरण में शामिल महिला नक्सली को पकड़ा था
जवानों ने इससे पहले भी बस्तर इलाके में माओवादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए कई नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। जवानों ने करीब एक महीन पहले बीजापुर के गलगम में महिला नक्सली कुड़ामी देवे को गिरफ्तार किया था। कुड़ामी एक ग्रामीण के अपहरण में शामिल थी। वहीं 28 मार्च को नारायणपुर से एक नक्सली को दबोचा गया था और बीजापुर में एक-एक लाख रुपए के इनामी तीन नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया था।

लगातार उत्पात मचा रहे थे नक्सली
3 अप्रैल को बीजापुर में हुए बड़े नक्सली हमले के बाद से लगातार नक्सली बस्तर क्षेत्र के अलग-अलग जिलों में नक्सल घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। 24 अप्रैल की ही रात कांकेर के BSF के कामतेड़ा कैंप में नक्सलियों ने फायरिंग कर दी थी। इस दौरान BSF और DRG के जवानों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए गोलियां चलाईं। करीब 30 मिनट तक दोनों ओर से फायरिंग होती रही। इसके बाद अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर नक्सली वहां से भाग निकले थे। कैंप के सभी जवान भी सुरक्षित थे। वहीं दंतेवाड़ा में 23 अप्रैल की रात को भी नक्सलियों ने रेलवे ट्रैक तोड़कर पैसेंजर ट्रेन को डिरेल करने का प्रयास किया था। इस प्रकार बीजापुर में अगवा CAF के SI मुरली ताती को अगवा करने के तीन दिन बाद उसकी हत्या कर दी। जवान का शव शनिवार सुबह ही सड़क किनारे मिला था।

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