बीटगार्ड जंगल भ्रमण नहीं करते क्या… वन्यप्राणी मर रहे

by bharatheadline

बोईरदादर बीट में कुत्तों के हमले से चीतल की मौत, पहले दावानल से जंगल भी जल रहे थे, लापरवाही पर कार्रवाई करने की जरूरत
रायगढ़. वन परिक्षेत्र रायगढ़ का सबसे संवेदनशील बीट माने जाने वाला बोईरदादर बीट में आज फिर से एक चीतल की मौत हो गई। यहां कुत्तों ने दौड़ाकर चीतल को घायल कर दिया। बाद में सही समय पर ईलाज के अभाव में उसकी मौत हो गई और इसका एक कारण बीटगार्ड की लापरवाही को माना जा सकता है। फिलहाल मामले की जानकारी लगने के बाद मृत चीतल को इंदिरा विहार लाया गया और डॉक्टर के आने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी किए जाने की बात कही जा रही है।
इस संबंध में मिली जानकारी मुताबिक मंगलवार की दोपहर करीब बारह बजे बोइरदादर फारेस्ट बेरियर के पास कोसा बाड़ी के समीप कुत्तों का झुंड एक चीतल को दौड़ा रहा था। उसके बाद चीतल पर हमला कर दिया। इस दौरान उसे बैरियर कर्मचारियों के द्वारा बचाने का भी प्रयास किया गया, पर कुत्तों के हमले व सही समय पर ईलाज नहीं मिलने के कारण चीतल की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि इसके बाद मामले की सूचना देने के लिए बैरियर के कर्मचारी ने बीटगार्ड व इंदिरा विहार के कर्मचारियों का पता किया, तो पता चला कि इंदिरा विहार में न तो कोई सक्षम कर्मचारी उपस्थित है और बोइरदादर बीटगार्ड का भी कोई पता नहीं है। बाद में किसी तरह बीटगार्ड को मामले की सूचना मोबाइल पर दी गई। इसके बाद बीटगार्ड मौके पर पहुंचा और मृत चीतल को इंदिरा विहार ले गया। दोपहर पौने तीन बजे तक चीतल का पीएम नहीं हुआ था और डॉक्टर का इंतजार किया जा रहा था। वहीं अब उसका डॉक्टर से पीएम के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी किए जाने की बात कही जा रही है। सूत्रों की माने तो बोइरदादर बीटगार्ड का नियमित रूप से जंगल भ्रमण नहीं किए जाने की वजह से पिछले दिनों काफी जगह दावानल की घटना घटित हो चुकी है। वहीं यहां यह बताया भी लाजिमी होगा कि बोइरदादर बीट में पिछले कुछ समय से यहां लापरवाही बढ़ गई है और वनकर्मियों की लापरवाही के बाद भी उन पर कार्रवाई नहीं होने से उच्चाधिकारियों के कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े होने लगे हैं।


बीटगार्ड ने कहा मौके पर नहीं हूं
घटना करीब बारह बजे की बतायी जा रही है। चीतल को बचाने के लिए बैरियर के कर्मचारी ने कुत्तों को पत्थर मार कर भगाने का भी प्रयास किया, पर कोसाबाड़ी क्षेत्र के कुत्तों के हमले से चीतल ने दम तोड़ दिया। वहीं जब बीटगार्ड कमलेश सिदार को लगभग सवा एक बजे मोबाईल पर कॉलकर मामले की जानकारी लेनी चाही गई, तो उन्होंने बताया कि वे अभी मौके पर नहीं हैं और 15 मिनट बाद पहुंच कर ही आगे को कुछ कह पाएंगे, पर दोपहर तीन बजे तक उनका कोई कॉल नहीं आया।

लापरवाही के कारण हो रही घटनाए
बोईरदादर बीट इन दिनों अखबारों की काफी सुर्खियों में है और यहां लगातार हो रही कई घटनाओं के कारण विजयपुर व आसपास के गांव में वन विभाग के कार्यप्राणली को लेकर कई तरह की चर्चाएं भी हो रही है। इस बार बोइरदादर के जंगल में दावानल की काफी घटनाएं घटित हुई, तो अतिक्रमण व रेल कॉरीडोर का कूप जलने का भी मामला अखबारों में आ चुका है। लगातार बीटगार्ड की लापरवही सामने आने के बाद भी विभाग के अधिकारियों के द्वारा अब तक कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है।


वर्सन
बोइरदादर बीट में कोसा बाड़ी के पास कुत्तों के हमले से चीतल की मौत हो गई है। पीएम के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। बीटगार्ड की लापरवाही लगातार सामने आ रही है। बीटगार्ड को हटाया जाएगा, उच्चाधिकारी को इसके लिए पत्र लिखा जाएगा।
राजेन्द्र कुमार साहू
वन परिक्षेत्र अधिकारी, रायगढ़

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