बेड के लिए अस्पताल दर अस्पताल दौड़ रहे मरीज, सड़क पर हो रही मौत

by bharatheadline

गोरखपुर में कोरोना कहर बरपा रहा है। आलम यह है कि मरीजों को अस्पताल में बेड नहीं मिल रहे हैं। मरीजों को लेकर परिजन एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक चक्कर काट रहे हैं। इलाज के बगैर मरीज सड़क पर तड़प कर जान दे रहे हैं। कोरोना संक्रमण से इलाज के लिए जिले में 45 अस्पतालों में 1650 बैड तैयार है। यह सभी फुल हैं। जिले में कोरोना की दूसरी लहर इस समय विकराल रूप अख्तियार कर चुकी है। संक्रमण बेकाबू है। करीब साढ़े 15 हजार नए संक्रमित सिर्फ अप्रैल के 26 दिनों में सामने आए हैं। जिले में 9650 मरीज अभी भी सक्रिय है। इन मरीजों के इलाज के लिए इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं।

45 अस्पतालों में है 1650 बेड
जिले में कोरोना के बढ़ते मामले के सामने स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां बौनी साबित हो रही हैं। विभाग ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज, टीबी अस्पताल के अलावा 43 निजी अस्पतालों में 1650 तैयार किए हैं। इसमें एल-वन के 19 बेड शामिल हैं। यह तैयारी वायरस के प्रकोप के सामने ढेर हो गई। एल-वन फुल है। इसके अलावा एल-टू के करीब 860 बेड पूरी तरह से भरे हुए हैं। गंभीर मरीजों के लिए संचालित एल-थ्री में 708 बेड हैं। यह भी फुल है।

भटकने को मजबूर है मरीज और तीमारदार
सरकारी व निजी अस्पतालों में कोविड बेड फुल होने का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। रोजाना 800 से 1000 नए संक्रमित सामने आ रहे हैं। इसमें से 25 फीसदी को बेड की दरकार है। स्वास्थ्य विभाग के इंतजाम इस मांग को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। मरीजों को लेकर तीमारदार एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भटकने को मजबूर हैं।

बढ़ जाएंगे करीब सवा सौ बेड
अस्पतालों में बेड की किल्लत से जूझ रहे संक्रमितों के लिए राहत की खबर है। अगले दो से तीन दिन में करीब सवा सौ बेड बढ़ जाएंगे। इसमें 40 बेड एल-थ्री के होंगे। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 25 बेड के वार्ड का संचालन स्वास्थ विभाग की टीम करेगी। इसके लिए मंगलवार से डॉक्टरों की ट्रेनिंग शुरू होगी। यह ट्रेनिंग बीआरडी के डॉक्टरों की टीम देगी। डॉक्टरों की ट्रेनिंग के बाद यहां मरीजों की भर्ती शुरू हो जाएगी। इसके अलावा चार निजी अस्पतालों में नए बेड बढ़ेंगे। सोमवार को इन अस्पतालों के आवेदन पर मंजूरी की मुहर लग गई है। बुधवार से यहां भर्ती शुरू हो सकती है।

स्वास्थ्य विभाग की तैयारी अधूरी नहीं थी। वायरस का प्रकोप बेकाबू हो गया। संसाधन बढ़ाने की तैयारी के लिए समय कम मिला। अब तैयारियां पूरी हैं। मरीजों को बेड मुहैया हो रहा है। अगले तीन दिन में सवा सौ बेड और सक्रिय हो जाएंगे। इससे राहत मिलेगी। ऑक्सीजन की दिक्कत दूर हो रही है।
डॉ. सुधाकर पांडेय, सीएमओ

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