कोरोना काल में कौन किसके विकास में लगा है यह घरघोड़ा की जनता भली-भांति जानती है : सुरेंद्र चौधरी का नप अध्यक्ष शिशु सिन्हा पर तीखा हमला

by bharatheadline

———————————————
घरघोड़ा।घरघोड़ा नगर पंचायत के पुर्व अध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि नगर पंचायत अध्यक्ष विजय शिशु सिन्हा कि गलती पकड़ी गई तो आनन फानन में शीलालेख बदला गया. अब शिशु सिन्हा उल झुलुल बयान देकर सच से भागने की कोशिश कर रहे हैं. सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि विजय शिशु सिन्हा ने घटिया मानसिकता दिखाते हुए नाम काटने एवम नया नाम जोड़ कर अपनी ओछी मानसिकता प्रदर्शित की है| उन्होंने कहा कि ऐसा कृत्य अपराध की श्रेणी में आना चाहिए. बिना कारण इस तरह शिलालेख के साथ छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए थी. यह द्वेष की राजनीति के तहत किया गया है.
सुरेंद्र चौधरी ने शिशु सिन्हा पर निशाना साधते हुए कहा कि कोरोना काल के इस कठिन घड़ी में नगर पंचायत अध्यक्ष अपने व्यक्तिगत विकास में लगे हैं. उन्हें अपने विकास से समय नहीं मिल रहा जनता के हित हेतु सोचने का वक्त ही कहां है उनके पास. घरघोड़ा की जनता का भी भरोसा उठ गया है. उन्होंने 6 लाख रुपए के मास्क वितरण और कोरोना प्रबंध का मुद्दा भी उठाया.
दरअसल नगर पंचायत अध्यक्ष विजय शिशु सिन्हा का कहना है कि उन्होंने कोरोना काल में मास्क और अन्य सामान का वितरण किया. जिसकी लागत करीब 6 लाख रुपए है.जबकि रायगढ पुलिस द्वारा पिछले कोरोना काल के समय एक रक्षा सूत्र एक मास्क अभियान के तरह वृहद अभियान चला कर अपना नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में पहुचा दिया जिसकी जनता दिल से प्रशंसा कर रही है,इसके अलावा नगर के सभी पार्षदों ने अपने पार्षद निधि एवम व्यक्तिगत रूप से भी मास्क सेनेटाइजर एवम राशन वितरण किया था तथा घरघोड़ा नगर के प्रबुद्धजनों एवम समाज सेवियों ने भी बढ़ चढ़ कर कोरोना काल मे अपना योगदान दिया था,इसके बावजूद भी नगर पंचायत का 6 लाख की भारी भरकम राशि खर्च करना हजम नहीं होती, सुरेद्र चौधरी ने आशंका जताई है कि इतने रकम खर्च नहीं किए गए हैं. उन्होंने इसका हिसाब लेने की बात कही है. उनका कहना है कि शिशु सिन्हा जनता के पैसे से अपनी तिजोरी भर रहे हैं.
कोरोना काल में शिलालेख क्यों बदला??
पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि अध्यक्ष विजय शिशु सिन्हा कोरोना काल की बात कहकर मुद्दे को भटकाने की राजनीति कर रहे हैं. सुरेंद्र चौधरी ने पूछा है कि कोरोना काल में नगर के लोगों के लिए प्रबंध का काम छोड़ नगर पंचायत अध्यक्ष शिलालेख बदलने का काम क्यों कर रहे हैं. क्या इससे जनता के पैसों का दुरूपयोग नहीं हो रहा है. कोरोना के इस बुरे दौर में कौन सी आफत आ गई थी कि शिलालेख को बदला जा रहा है.
कांग्रेस की विचारधारा से जुड़ा रहा हमेशा
सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि मैं हमेशा से कांग्रेस के विचारधारा से जुड़ा हुआ हुं. जनता ने मुझपर हमेशा भरोसा जताया है. कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार के साथ मैं भी कोरोना रोकथाम के लिए प्रबंधन के कार्यों को कर रहा हुं. नगर में जरूरतमंदो की निरंतर मदद कांग्रेस की ओर मै कर रहा हुं.
आगे भी दिया जाएगा करारा जवाब
कांग्रेस नेता और पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि मैने सही मुद्दों के लिए हमेशा आवाज उठाई. मेरी आवाज को दबाने के कई प्रयास विफल हुए हैं. हमारे खिलाफ राजनितिक षणयंत्र किया गया. जिसे मैंने जनता के सामने उठाया. अध्यक्ष विजय शिशु सिन्हा जवाब देने के बजाय सवालों से भाग रहे हैं. साथ ही कांग्रेस पार्टी का नाम लेकर व्यतिगत टिप्पणी कर रहे हैं. मैं अब कहता हुं ममता चौधरी का नाम शिलालेख से काटने पर खेला होवे. जनता से जुड़े हर मुद्दे पर सवाल पूछा जाएगा शिलालेख का भी हिसाब लिया जाएगा|||

Related Posts

Leave a Comment