चिताओं से भर गए शमशानघाट, जगह न मिली तो पार्किंग में किया अंतिम संस्कार

by bharatheadline

मेरठ। पूरे देश में कोरोना संक्रमण से होने वाली मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. बुधवार को मेरठ के सूरजकुंड श्मशानघाट में शाम के चार बजे तक अंतिम संस्कार के लिए इतने ज्यादा शव आ गए कि श्मशानघाट के अंदर जगह ही नहीं बची. जिसकी वजह से गंगा मोटर कमेटी को पार्किंग क्षेत्र में शवों को ले जा कर उनका अंतिम संस्कार कराना पड़ा.
मामले की जानकारी देते हुए गंगा मोटर कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि रात नौ बजे तक 66 शवों का अंतिम संस्कार किया गया. जिसमें लगभग 19 शव कोरोना संक्रमित थे और बाकी नॉन कोविड थे. सूरजकुंड श्मशानघाट पर नगर निगम ने पार्किंग क्षेत्र में नए शवदाह स्थल बनाने का काम पूरे दिन किया गया. गंगा मोटर कमेटी के पदाधिकारियों ने आगे कहा कि उम्मीद है कि दो दिन में करीब 34 नए शवदाह स्थल तैयार हो जाएंगे. बुधवार को शाम चार बजे की करीब कई शव एक साथ आ गए. जिससे उनके दाह संस्कार में परेशानी हुई. श्मशानघाट पर दूसरे प्रवेश द्वार से अंदर ना तो कोई प्लेटफार्म खाली था ना ही सड़क पर चिता लगाने की जगह थी. भोलेनाथ की प्रतिमा के सामने शव का अंतिम संस्कार हो रहा था. ऐसी स्थिति में पार्किंग स्थल पर शवों का अंतिम संस्कार करना पड़ा. शाम पांच बजे के बाद जो भी शव आए सभी का दाह संस्कार पार्किंग क्षेत्र में किया गया है.
लगातार शमशान घाट पहुंच रहे शवों के कारण सूरजकुंड श्मशानघाट पर शवों के अंतिम संस्कार की जगह कम पड़ने लगी तो वहीं शहर के कंकरखेड़ा, कसेरू बक्सर समेत अन्य श्मशान घाटों पर भी दाह संस्कारों की तादाद बढ़ गई हैं. गंगा मोटर कमेटी ने कहा कि बुधवार को नौ शव गंगा किनारे दाह संस्कार के लिए गए जबकि 14 शवों को उनके वाहन सूरजकुंड लेकर आए थे.
श्मशानघाट पर लगातार बढ़ रही शवों की संख्या के कारण लकड़ी कम पड़ने लगी है. अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी मुहैया कराने के लिए बुधवार को नगर निगम ने वैकल्पिक तौर पर सूरजकुंड वाहन डिपो पर व्यवस्था बनाई है. श्मशानघाट से मांग आने पर लकड़ी मुहैया कराई जाएगी. नगर निगम के पास लकड़ी वन विभाग की ओर से आ रही है.

Related Posts

Leave a Comment