नकली COVID-19 रिपोर्ट बनाने वाला गिरोह पकड़ा, ऐसे करते थे फर्जीवाड़ा

by bharatheadline

बेकाबू होती कोरोना महामारी के इस दौर में आज लोगों को अपना टेस्ट कराने से लेकर ऑक्सीजन बेड तक के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। हालात इतने बदतर हैं कि इलाज के अभाव में लोग दम तोड़ रहे हैं। आपदा को अवसर में बदलने में लगे कुछ शातिर लोग ऐसे वक्त में भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने अब ऐसे शातिरों की धरपकड़ तेज कर दी है।
दिल्ली पुलिस ने गलत तरीके से फर्जी कोरोना रिपोर्ट बनाने वाले 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए इन आरोपियों में से 2 लैब टेक्निशियन हैं और तीसरा टेस्टिंग लैब में एक डॉक्टर और एक एप्लीकेशन साइंटिस्ट है। पुलिस ने बताया कि ये आरोपी प्रयोगशाला में सैंपल एकत्रित करते थे और टेस्ट के लिए लैब में उनकी एंट्री किए बिना नकली लेटरहेड पर रिपोर्ट प्रिंट देते थे। वहीं, दिल्ली में रेमडेसिविर इंजेक्शन की जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग के आरोप में भी पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर उनके पास से रेमडेसिविर की 10 शीशियां बरामद की हैं। ये आरोपी इन्हें 35,000-50,000 रुपये प्रति इंजेक्शन के हिसाब से बेचते थे। गिरफ्तार किया गया एक आरोपी एक अस्पताल में हाउसकीपिंग स्टाफ का रूप में काम करता था, जबकि दूसरा एक दवा सप्लायर के यहां काम करता था। पुलिस इस गोरखधंधे से जुड़े दूसरे लोगों की भी तलाश कर रही है।
गौरतलब है कि एक महिला के साथ धोखाधड़ी कर ऑक्सीजन सिलेंडर के नाम पर अग्निशमन यंत्र बेचने के आरोप में पुलिस ने गुरुवार को दो लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने कहा कि महिला को कोरोना वायरस से संक्रमित अपने एक रिश्तेदार के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर की आवश्यकता थी। पुलिस ने बताया कि पश्चिमी दिल्ली के उत्तम नगर इलाके से विकासपुरी निवासी आशुतोष (19) और आयुष (22) को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से पांच अग्निशमन यंत्र बरामद किए गए। पुलिस के मुताबिक, आरोपी अग्निशमन यंत्र को ऑक्सीजन सिलेंडर बताकर 10,000 रुपये में एक सिलेंडर बेच रहे थे।

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